Jul 14, 2026

आपदा पीड़ितों को समय पर मिले न्याय और राहत, रुद्रप्रयाग में विधिक सहायता पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित

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प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के अधिकारों, 

मुआवजा, पुनर्वास एवं निःशुल्क कानूनी सहायता की दी गई विस्तृत जानकारी,

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती पायल सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को जिला आपदा परिचालन केंद्र, रुद्रप्रयाग में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ‘आपदा पीड़ितों को विधिक सहायता योजना’ के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित व्यक्तियों को समयबद्ध राहत, पुनर्वास एवं निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की योजना के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देना था।

 

प्रशिक्षण के दौरान उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं, जैसे भूस्खलन, बादल फटना, अतिवृष्टि, आकस्मिक बाढ़, नदी कटाव, सड़क अवरुद्ध होना, भू-धंसाव तथा भूकंप जैसी परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही जनपद रुद्रप्रयाग के आपदा संभावित क्षेत्रों, संवेदनशील स्थानों, मानसून के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, पूर्व चेतावनी प्रणाली, विभागों के बीच समन्वय, राहत एवं पुनर्वास व्यवस्था तथा आपदा प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजा, आवश्यक दस्तावेजों की पुनर्प्राप्ति, सरकारी योजनाओं का लाभ एवं अन्य विधिक अधिकारों से संबंधित निःशुल्क सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

 

प्रतिभागियों को बताया गया कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने और उन्हें निःशुल्क विधिक सेवाओं से जोड़ने में सभी संबंधित विभागों की सक्रिय एवं समन्वित भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 

प्रशिक्षण कार्यक्रम के उपरांत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती पायल सिंह ने जिला आपदा परिचालन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने उन्हें नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। सचिव ने नियंत्रण कक्ष में स्थापित विशाल डिजिटल प्रदर्शन प्रणाली के माध्यम से जनपद के विभिन्न आपदा संवेदनशील क्षेत्रों में लगाए गए निगरानी कैमरों से प्राप्त प्रत्यक्ष प्रसारण का अवलोकन किया।

 

अधिकारियों ने बताया कि इन कैमरों के माध्यम से जनपद के प्रमुख मार्गों, नदी-नालों, पुलों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा अन्य संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाती है, जिससे किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्राप्त कर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

 

इस अवसर पर सचिव श्रीमती पायल सिंह ने आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक, सतत निगरानी व्यवस्था एवं त्वरित कार्यवाही प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच मजबूत समन्वय तथा समय पर विधिक सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।

 

कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता, राहत एवं पुनर्वास योजनाओं की जानकारी, मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों की पुनर्प्राप्ति, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा उनके विधिक अधिकारों के संरक्षण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाता है। प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे आपदा प्रभावित लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

 

कार्यक्रम में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, सहायक लेखाधिकारी सौरभ कुमार, जिला आपदा परिचालन केंद्र के प्रभारी संतोष प्रकाश नौटियाल, जयप्रकाश, मास्टर प्रशिक्षक कु. सीमा परमार, जिला आपदा त्वरित प्रतिक्रिया बल के जवान, अधिवक्ता श्रीमती यशोदा खत्री, सहायक विधिक सहायता अधिवक्ता देवेंद्र सिंह बिष्ट, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा आपदा मित्र उपस्थित रहे।