कल से शुरू होगी द्वितीय चरण की दिवारा यात्रा, कालीमठ व केदार घाटी में उमड़ा उत्साह,
रिपोर्ट : लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। सरस्वती नदी के पावन तट पर जगत कल्याण की कामना को लेकर तपस्यारत भगवती कालीमाई की द्वितीय चरण की दिवारा यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कल से सिद्धपीठ कालीमठ से वेद ऋचाओं और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा। दिवारा यात्रा को लेकर कालीमठ घाटी से लेकर केदार घाटी तक श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में खासा उत्साह बना हुआ है।
दिवारा यात्रा के दौरान भगवती कालीमाई की डोली केदार घाटी के विभिन्न गांवों और तीर्थस्थलों का भ्रमण करेगी। इस दौरान देवी श्रद्धालुओं को दर्शन और आशीर्वाद प्रदान करेंगी तथा क्षेत्र की कुशलक्षेम पूछेंगी। डोली के गांवों में पहुंचने पर ग्रामीण विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवी का स्वागत करेंगे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज और देवी के जयकारों से यात्रा मार्ग भक्तिमय नजर आएगा। ग्रामीण देवी से क्षेत्र में सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना करेंगे।
द्वितीय चरण की दिवारा यात्रा का सबसे बड़ा धार्मिक आकर्षण भगवती कालीमाई और बाबा केदार का ऐतिहासिक मिलन होगा। करीब 15 वर्षों बाद होने जा रहे इस पावन मिलन को लेकर केदार घाटी के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। धार्मिक मान्यताओं और सदियों पुरानी परंपराओं के अनुरूप होने वाले इस मिलन के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ग्रामीणों का मानना है कि दोनों आराध्य शक्तियों का यह पावन मिलन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है। इस दौरान श्रद्धा, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
दिवारा यात्रा के दौरान धार्मिक आस्था के साथ उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक परंपराओं की भी झलक देखने को मिलेगी। देवी की डोली के साथ ढोल-दमाऊं समेत पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज और जयकारों से केदार घाटी का वातावरण भक्तिमय रहेगा। ग्रामीण अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार देवी का स्वागत और पूजन करेंगे।
भगवती कालीमाई दिवारा यात्रा समिति के अध्यक्ष लखपत राणा ने बताया कि दिवारा यात्रा को लेकर कालीमठ और केदार घाटी के ग्रामीणों में खासा उत्साह है। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा यात्रा की तैयारियों में जुटे हुए हैं। गांवों में देवी के स्वागत और पूजा-अर्चना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
दिवारा यात्रा प्रभारी प्रकाश पुरोहित ने बताया कि रविवार को सिद्धपीठ कालीमठ से वेद ऋचाओं और श्रद्धा-उल्लास के साथ द्वितीय चरण की दिवारा यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान विभिन्न पड़ावों पर धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना संपन्न होगी। 15 वर्षों बाद होने वाले भगवती कालीमाई और बाबा केदार के ऐतिहासिक मिलन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।