रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अभिनव पहल ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान जनपद रुद्रप्रयाग में लगातार जनसमर्थन हासिल कर रहा है। विद्यार्थियों में अध्ययन की संस्कृति विकसित करने, पुस्तकालयों को समृद्ध बनाने और ज्ञान के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान से आमजन, अधिकारी, कर्मचारी तथा विभिन्न सामाजिक संगठन लगातार जुड़ रहे हैं।
इसी क्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्र ने अभियान में अपनी सहभागिता निभाते हुए 111 पुस्तकों का संग्रह जिलाधिकारी को भेंट किया। इन पुस्तकों में व्यक्तित्व विकास, महापुरुषों की जीवनियां, भारतीय दर्शन, विज्ञान, धर्म, पुराण, हिंदी साहित्य, सामान्य ज्ञान तथा उत्तराखंड की कला, संस्कृति और इतिहास से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकें शामिल हैं, जो विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने इस सराहनीय योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुस्तकें किसी भी समाज की सबसे मूल्यवान धरोहर होती हैं। एक पुस्तक का दान केवल पुस्तक देना नहीं, बल्कि किसी विद्यार्थी के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से जनपद के पुस्तकालयों को समृद्ध किया जा रहा है, ताकि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री सहज उपलब्ध हो सके। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अधिक से अधिक पुस्तकें दान करने की अपील की।
इस अवसर पर डॉ. अखिलेश मिश्र ने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के विकास और सकारात्मक सोच की आधारशिला भी हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर में रखी उपयोगी पुस्तकों में से कुछ पुस्तकें समाज के हित में दान करे, तो अनेक जरूरतमंद विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में ज्ञान के आदान-प्रदान की परंपरा को भी मजबूत करेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनपद में कार्यरत सभी अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, सामाजिक संगठन और जागरूक नागरिक इस अभियान से जुड़ेंगे तथा स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त तक अभियान के लिए निर्धारित 1100 पुस्तकों का प्रारंभिक लक्ष्य आसानी से पूरा कर लिया जाएगा।
अभियान के अंतर्गत प्राप्त सभी पुस्तकों को जनपद के विभिन्न पुस्तकालयों में उपलब्ध कराया जाएगा, जहां छात्र-छात्राएं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा तथा अन्य पाठक इनका लाभ उठा सकेंगे। शिक्षा और ज्ञान के प्रसार की दिशा में प्रशासन की इस पहल को जनपद में एक प्रेरणादायी अभियान के रूप में देखा जा रहा है, जो समाज में पुस्तक दान की संस्कृति को भी नई पहचान दे रहा है।