रिपोर्ट : लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। लगातार हो रही बारिश के चलते द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम यात्रा मार्ग पर बनातोली में मोरखमा नदी पर बना लकड़ी का अस्थायी पुल खतरे की जद में आ गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण पुल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है, जिससे श्रद्धालुओं, स्थानीय ग्रामीणों और घोड़ा-खच्चर संचालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहरा गई है।
मद्महेश्वर धाम यात्रा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मार्ग से गुजर रहे हैं। ऐसे में बनातोली का यह अस्थायी पुल यात्रा मार्ग की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। लगातार बारिश के कारण मोरखमा नदी उफान पर है और पुल के आसपास तेज बहाव बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से पुल का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही पूर्व में स्थापित ट्रॉली व्यवस्था को पूरी तरह संचालित कर यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश प्रसाद नैथानी ने बताया कि मोरखमा नदी का जलस्तर बढ़ने से लकड़ी का अस्थायी पुल खतरे की जद में आ गया है। एहतियात के तौर पर तीर्थयात्रियों और ग्रामीणों की आवाजाही ट्रॉली के माध्यम से कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग शीघ्र ही वैकल्पिक अस्थायी पुल के निर्माण का प्रयास करेगा, ताकि घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी सुचारू रूप से शुरू कराई जा सके।
प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।