Jul 24, 2026

केदारघाटी में बढ़ा बंदरों का आतंक, फाटा बाजार में बच्चे पर हमला, ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग,

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फाटा/रुद्रप्रयाग। केदारघाटी के फाटा क्षेत्र में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद अब बंदरों ने आमजन पर भी हमला करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को फाटा बाजार में एक मासूम बच्चे पर बंदर के हमले के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। घटना के बाद व्यापारियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल बंदरों को पकड़ने की मांग उठाई है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को फाटा बाजार में एक बच्चे पर अचानक बंदर ने हमला कर दिया, जिससे उसके हाथ पर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने किसी तरह बच्चे को बंदर के चंगुल से बचाया। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में भय का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों का आतंक अब इस कदर बढ़ गया है कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अकेले घर से बाहर निकलने में डर रहे हैं। बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर बंदर लोगों के हाथों से सामान छीनने का प्रयास कर रहे हैं। कई स्थानों पर बंदरों के झुंड राहगीरों का पीछा भी कर रहे हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि पहले ही जंगली जानवरों के कारण खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है। अब बंदरों के हमलों ने आम जनजीवन भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सबसे अधिक चिंता स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। हालात को देखते हुए क्षेत्र के कक्षा 1 से 5 तक संचालित विद्यालयों के प्रबंधन ने अभिभावकों से अपने बच्चों को स्वयं विद्यालय छोड़ने और वापस घर लाने की अपील की है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजाराम सेमवाल ने कहा कि क्षेत्र के किसान पहले ही जंगली जानवरों से भारी नुकसान झेल रहे हैं और अब बंदरों के बढ़ते हमलों से बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। उन्होंने वन विभाग से तत्काल विशेष अभियान चलाकर बंदरों को पकड़ने और क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने की मांग की।

वहीं फाटा वन बीट अधिकारी राजेश रावत ने बताया कि पूर्व में भी क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया गया था। गुरुवार की घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग जल्द ही दोबारा विशेष अभियान शुरू करेगा, ताकि बंदरों के बढ़ते आतंक पर नियंत्रण पाया जा सके।

लगातार बढ़ रहे बंदरों के हमलों ने केदारघाटी के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी और गंभीर घटना भी हो सकती है।