जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्र ने 111 पुस्तकें भेंट कर बढ़ाया कारवां, 15 अगस्त तक 1100 पुस्तकों का लक्ष्य
रुद्रप्रयाग। शिक्षा और समाज को ज्ञान से समृद्ध बनाने की दिशा में रुद्रप्रयाग प्रशासन की अनूठी पहल ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में चल रही इस अभिनव मुहिम को जनपदभर से उत्साहजनक समर्थन मिल रहा है। अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक और जागरूक नागरिक बढ़-चढ़कर अपनी प्रिय एवं उपयोगी पुस्तकें दान कर इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप दे रहे हैं।
इसी क्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्र ने अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए 111 ज्ञानवर्धक पुस्तकें जिलाधिकारी को भेंट कीं। दान की गई पुस्तकों में व्यक्तित्व विकास, महापुरुषों की जीवनियां, भारतीय दर्शन, विज्ञान, धर्म, पुराण, हिंदी साहित्य, सामान्य ज्ञान तथा उत्तराखंड की कला, संस्कृति और इतिहास से जुड़ी पुस्तकें शामिल हैं, जो विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगी।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुस्तकें केवल कागज के पन्ने नहीं, बल्कि समाज के ज्ञान, अनुभव और संस्कार की अमूल्य धरोहर होती हैं। उन्होंने कहा कि एक पुस्तक का दान किसी विद्यार्थी के सपनों को नई उड़ान देने के समान है। यह अभियान आने वाली पीढ़ी को अध्ययन के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ सार्वजनिक पुस्तकालयों को भी समृद्ध बना रहा है। उन्होंने जनपदवासियों से इस अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पुस्तकें दान करने का आह्वान किया।
डॉ. अखिलेश मिश्र ने कहा कि अच्छी पुस्तकें जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होती हैं। पुस्तकें व्यक्ति के विचारों को समृद्ध करती हैं, व्यक्तित्व का निर्माण करती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर की कुछ उपयोगी पुस्तकें समाज के लिए समर्पित करे तो हजारों विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सकती है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनपद के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, सामाजिक संगठन और जागरूक नागरिकों के सहयोग से 15 अगस्त तक अभियान के लिए निर्धारित 1100 पुस्तकों का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा। उन्होंने इसे केवल पुस्तक संग्रह का अभियान नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व का जनआंदोलन बताया।
अभियान के तहत प्राप्त सभी पुस्तकों को जनपद के पुस्तकालयों में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा तथा पुस्तक प्रेमी इनका लाभ उठा सकें। शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में रुद्रप्रयाग प्रशासन की यह पहल अब जनसहभागिता की प्रेरक मिसाल बनती जा रही है।