सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा नंद ने शासन-प्रशासन से की कार्यवाही की मांग,
रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध एवं उत्तर भारत के एकमात्र कार्तिक स्वामी मंदिर के आसपास अव्यवस्थाओं का आलम लगातार गंभीर होता जा रहा है। मंदिर के बेस प्वाइंट और पैदल मार्ग पर फैली गंदगी, बदहाल शौचालय व्यवस्था और जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेरों ने श्रद्धालुओं व पर्यटकों की परेशानी बढ़ा दी है। विशेषकर महिला पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णानंद डिमरी ने मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं सचिव से दूरभाष पर संपर्क कर व्यवस्थाओं को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद समिति पदाधिकारियों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस धार्मिक स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, वहां स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं का अभाव बेहद चिंताजनक है। पैदल मार्ग पर जगह-जगह फैली गंदगी न केवल मंदिर की छवि धूमिल कर रही है, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनती जा रही है। मौजूद शौचालय अत्यंत गंदे और बदहाल स्थिति में हैं, जबकि पर्याप्त शौचालय सुविधा का भी अभाव है।
कृष्णानंद डिमरी ने शासन-प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था करने तथा श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने पर्यटन विभाग को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई है।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो पर्यटन और धार्मिक आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थल की छवि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।