Jul 02, 2026

रूद्रप्रयाग में ग्रामीण विकास को नई गति देने की तैयारी, सीडीओ की अध्यक्षता में जी-राम-जी की पहली बैठक संपन्न

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रुद्रप्रयाग। जनपद में ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में जी-राम-जी कार्यक्रम की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विकासखंडों के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, ग्राम विकास अधिकारियों एवं जी-राम सेवकों ने प्रतिभाग कर क्षेत्रीय समस्याओं और विकास संबंधी सुझावों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचाना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय समन्वय, नियमित अनुश्रवण और जमीनी स्तर पर सतत निगरानी सुनिश्चित करते हुए योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करें, ताकि ग्रामीणों को उनका प्रत्यक्ष लाभ समय पर मिल सके।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन, स्वच्छता, पेयजल, सड़क संपर्क सहित विभिन्न जनहित के विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया। साथ ही ग्राम स्तर पर सामने आ रही समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक सुझावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ग्रामीण विकास को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्रीय भ्रमण कर योजनाओं की वास्तविक प्रगति का आकलन करने तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में ब्लॉक प्रमुख अगस्त्यमुनि भुवनेश्वरी देवी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख जखोली विनीता चमोली, जिला विकास अधिकारी अनिता पंवार, खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का, खंड विकास अधिकारी जखोली विजय नेगी, खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि सुरेश साह, जी-राम-जी लोकपाल डॉ. सी.पी. चमोली सहित ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी एवं जी-राम सेवक उपस्थित रहे।