Mar 26, 2026
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रुद्रप्रयाग के झटगढ़ गांव में गड्ढे में फंसा गुलदार, घंटों की मशक्कत के बाद वन विभाग ने सुरक्षित निकाला

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रुद्रप्रयाग। उत्तर जखोली रेंज के अंतर्गत अगस्त्यमुनि क्षेत्र के समीप स्थित चमराड़ा-झटगढ़ गांव में बुधवार को एक तेंदुआ (गुलदार) पानी के स्टोरेज टैंक में फंस गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही रुद्रप्रयाग वन प्रभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर टीम रवाना की।

वन विभाग की क्विक रिस्पॉन्स टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तत्काल क्षेत्र की घेराबंदी की और स्थानीय ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इसके बाद रेस्क्यू रिस्पॉन्स टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाते हुए गुलदार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह रेस्क्यू अभियान उप प्रभागीय वनाधिकारी देवेन्द्र सिंह, वन क्षेत्राधिकारी सुरेन्द्र नेगी (उत्तर जखोली रेंज) तथा हरिशंकर रावत के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने बताया कि गुलदार को बिना किसी चोट के उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस दौरान न तो कोई जनहानि हुई और न ही वन्यजीव को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचा।

वन विभाग ने बताया कि क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए नियमित गश्त, कैमरा ट्रैपिंग और जन-जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि वन्यजीव से जुड़ी किसी भी जानकारी की तुरंत विभाग को सूचना दें और सतर्कता बरतें।

 

त्राहिमाम्-त्राहिमाम् जैसे बने हैं हालात,

रुद्रप्रयाग। इन दिनों अगस्त्यमुनि के साथ ही जखोली और ऊखीमठ विकासखण्ड के विभिन्न इलाकां में गुलदार की दहशत देखने को मिल रही है। बीते दिनों केदारघाटी के त्रियुगीनारायण और शेरसी गांव में गुलदार ने आतंक मचाया था। यहां त्रियुगीनारायण में दर्जनों बकरियों को गुलदार ने मार गिराया था, जबकि शेरसी में दुधारू मवेशियों को निवाला बनाया था। केदारघाटी के अलावा अगस्त्यमुनि और जखोली विकासखण्ड में भी गुलदार सक्रिय नजर आ रहा है। यहां भी आए दिन गुलदार की धमक से लोग दहशत में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। कांग्रेस नेता नरेन्द्र बिष्ट ने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में गुलदार के आतंक से ग्रामीण जनता परेशान हैं। गुलदार ने ग्रामीण जनता का पशुपालन व्यवसाय को खत्म करके रख दिया है। ग्रामीण महिलाएं चारापत्ति लाने से भी कतरा रही हैं। जिले में गुलदार की दहशत से त्राहिमाम्-त्राहिमाम जैसे हालात बने हुए हैं।