Apr 29, 2026

केदारनाथ में हेली रेस्क्यू से बची दो गंभीर मरीजों की जान, समय पर इलाज से महिला श्रद्धालु भी हुई स्वस्थ

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घोड़े से गिरने पर घायल महिला का एयरलिफ्ट,

सीने में दर्द वाले यात्री को एम्स किया रेफर, अलर्ट मोड में काम कर रहीं टीमें,

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को दो गंभीर बीमार यात्रियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रेस्क्यू कर उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश निवासी 59 वर्षीय सुनीता बड़ी लिनचोली से घोड़े के माध्यम से केदारनाथ धाम जा रही थीं। इसी दौरान वह असंतुलित होकर घोड़े से गिर गईं। किसी तरह धाम पहुंचने के बाद उनके बाएं घुटने और पैर में तेज दर्द शुरू हो गया, जिससे चलना-फिरना मुश्किल हो गया। उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केदारनाथ में भर्ती कराया गया, जहां आर्थोपेडिक सर्जन ने प्राथमिक उपचार दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया।

वहीं, राजस्थान के कोटा निवासी 47 वर्षीय डॉ. दीवाकर शर्मा को अचानक तेज सीने में दर्द की शिकायत हुई। उन्हें तुरंत नारायणकोटी स्थित माधव चिकित्सालय लाया गया, जहां जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि हुई। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। एक अन्य मामले में महाराष्ट्र के लातूर निवासी 65 वर्षीय संगीता पाटिल को केदारनाथ धाम में अचानक सांस लेने में दिक्कत और छाती में जकड़न की समस्या हुई। उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनका ऑक्सीजन स्तर काफी कम और ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ पाया गया। चिकित्सकों ने तुरंत ऑक्सीजन और आवश्यक दवाएं देकर उपचार शुरू किया, जिससे उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। उपचार के बाद उनका ऑक्सीजन स्तर सामान्य हो गया तथा वर्तमान में वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।

इन सभी घटनाओं में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन टीमों और सुरक्षा बलों के बीच उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद कम समय में सफलतापूर्वक संपंन हुए। मुख्यमंत्री के निर्देशों एवं जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में सभी विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो और आपात स्थिति में तुरंत राहत उपलब्ध कराई जाए। इसी के तहत सभी टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड में कार्यरत हैं, जिससे केदारनाथ यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भरोसेमंद बन रही है।