May 15, 2026

खराब मौसम बना खतरा, चंद्रशिला क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से दहशत

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रुद्रप्रयाग।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद के अगस्तमुनि ब्लॉक स्थित सौड़ी-गिंवाला गांव के निवासी लेफ्टिनेंट अनूप बिष्ट ने अपनी मेहनत, संघर्ष और अटूट संकल्प से यह साबित कर दिया कि सच्ची लगन और ईमानदार प्रयास किसी भी सपने को हकीकत में बदल सकते हैं। एक जवान के रूप में भारतीय सेना में भर्ती होकर 22 वर्षों की सेवा के बाद लेफ्टिनेंट बनना उनकी असाधारण उपलब्धि है, जो आज उत्तराखंड के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

सैन्य परिवेश से जुड़े परिवार में जन्मे अनूप बिष्ट का बचपन सेना की छावनियों और अनुशासित वातावरण में बीता। बचपन से ही उनके मन में वर्दी के प्रति सम्मान और देशसेवा का जज्बा था। मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 17 वर्ष की आयु से पहले ही भारतीय सेना में एक जवान के रूप में भर्ती होकर अपने सपनों की शुरुआत की।

सेना की कठिन जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने खुद को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास जारी रखा। ड्यूटी के साथ-साथ उन्होंने ग्रेजुएशन और फिजिकल एजुकेशन में डिप्लोमा भी पूरा किया। उनका मानना था कि एक सैनिक केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं करता, बल्कि हर दिन खुद को भी मजबूत बनाता है।

उनकी जिंदगी का अहम मोड़ तब आया, जब उन्हें प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षक के रूप में सेवा देने का अवसर मिला। वहां भविष्य के सैन्य अधिकारियों को तैयार होते देख उनके भीतर अधिकारी बनने का सपना फिर से जाग उठा। इसके बाद उन्होंने एससीओ और पीसीएसएल एंट्री की तैयारी शुरू की।

हालांकि सफलता का रास्ता आसान नहीं था। लगातार तीन प्रयासों में उन्हें एसएसबी प्रक्रिया में ‘कॉन्फ्रेंस आउट’ का सामना करना पड़ा। इन असफलताओं ने उन्हें निराश जरूर किया, लेकिन उनका हौसला नहीं तोड़ सकीं। इजरायल में पोस्टिंग के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों और साथियों से बातचीत के बाद उन्हें यह समझ आया कि एसएसबी केवल जवाबों की परीक्षा नहीं, बल्कि व्यक्ति के वास्तविक चरित्र, जिम्मेदारी और ईमानदारी को परखने की प्रक्रिया है।

अपने चौथे प्रयास में उन्होंने किसी बनावटी छवि के बजाय खुद को पूरी सच्चाई और सहजता के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने माता-पिता की जिम्मेदारियों, जवानों और छात्रों को मार्गदर्शन देने तथा एक जिम्मेदार पिता के रूप में अपने अनुभव साझा किए। जब उनसे विदेश पोस्टिंग और अच्छी आय को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका सपना पैसा नहीं, बल्कि वर्दी में सम्मान प्राप्त कर अपने माता-पिता और गांव का नाम रोशन करना है।

उनकी यही सच्चाई और समर्पण आखिरकार सफलता का कारण बने और दिसंबर 2025 में उन्हें भारतीय सेना में फिजिकल ट्रेनिंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ।

आज लेफ्टिनेंट अनूप बिष्ट की यह यात्रा युवाओं को यह संदेश देती है कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन, निरंतर मेहनत और खुद के प्रति ईमानदारी से हासिल होती है।

भविष्य के अभ्यर्थियों के लिए उनका संदेश भी बेहद प्रेरणादायक है। वे कहते हैं कि "ऑफिसर लाइक क्वालिटीज़ को दिखाने की कोशिश मत कीजिए, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार, जिम्मेदारियों और जीवनशैली का हिस्सा बनाइए। जब ये गुण स्वाभाविक रूप से आपके व्यक्तित्व में उतर जाते हैं, तो एसएसबी में वे खुद दिखाई देते हैं।

एक जवान से लेफ्टिनेंट बनने तक की यह कहानी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण की ऐसी मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को लगातार प्रेरित करती रहेगी।

 

 

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22 साल जवान की वर्दी पहनने के बाद बने लेफ्टिनेंट, सौड़ी-गिंवाला के अनूप बिष्ट ने रचा इतिहास

 

तीन बार एसएसबी में असफल, चौथे प्रयास में बने लेफ्टिनेंट; अनूप बिष्ट की संघर्षगाथा बनी प्रेरणा

 

जिद, जुनून और मेहनत का मिला इनाम, रुद्रप्रयाग के अनूप बिष्ट के कंधों पर सजे सितारे

 

जवान से लेफ्टिनेंट तक का सफर: सौड़ी-गिंवाला के बेटे अनूप बिष्ट ने नहीं मानी हार

 

22 साल की सेवा, कई असफलताएं और आखिरकार सफलता… अनूप बिष्ट बने सेना में लेफ्टिनेंट

 

रुद्रप्रयाग के अनूप बिष्ट ने लिखी प्रेरणा की नई कहानी, जवान से बने सेना के अधिकारी

 

तीन बार ‘कॉन्फ्रेंस आउट’ के बाद चौथी कोशिश में चमके सितारे, अनूप बिष्ट बने लेफ्टिनेंट

 

संघर्ष से सफलता तक: सौड़ी-गिंवाला के अनूप बिष्ट ने पूरा किया अफसर बनने का सपना

 

 

रूद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम आवागमन को लेकर रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने सोनप्रयाग पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया तथा आगामी वीकेंड में श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रभावी पुलिस एवं भीड़ प्रबंधन के निर्देश जारी किए।

 

निरीक्षण के दौरान एसपी ने पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी, थाना प्रभारी सोनप्रयाग एवं यातायात निरीक्षक के साथ विभिन्न यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सोनप्रयाग से गौरीकुण्ड और वहां से केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखी जाएं।

एसपी ने सोनप्रयाग क्षेत्र के प्रमुख ड्यूटी प्वाइंटों, पंजीकरण काउंटरों, शटल सेवा संचालन व्यवस्था तथा यात्रियों की लाइन प्रबंधन व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ड्यूटीरत पुलिस कर्मियों को अधिक सतर्कता, संयम और संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा मार्ग पर व्यवस्था सुचारू बनी रहे और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सहज यात्रा अनुभव मिल सके।

उन्होंने कहा कि वीकेंड के दौरान यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है, ऐसे में पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखनी होगी। रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु हितैषी बनाने के लिए लगातार निगरानी एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा

 है।

 

 

 

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वीकेंड भीड़ को लेकर सतर्क हुई रुद्रप्रयाग पुलिस, एसपी नीहारिका तोमर ने सोनप्रयाग में संभाली व्यवस्थाओं की कमान

 

रूद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। आगामी वीकेंड में यात्रियों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने सोनप्रयाग पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को प्रभावी भीड़ एवं यातायात प्रबंधन के निर्देश दिए।

 

निरीक्षण के दौरान एसपी ने पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी, थाना प्रभारी सोनप्रयाग तथा यातायात निरीक्षक के साथ यात्रा मार्ग की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सोनप्रयाग से गौरीकुण्ड और वहां से केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रखी जाएं।

 

एसपी ने सोनप्रयाग क्षेत्र के प्रमुख ड्यूटी प्वाइंटों, पंजीकरण काउंटरों, शटल सेवा संचालन व्यवस्था और यात्रियों की लाइन प्रबंधन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ड्यूटीरत पुलिस कर्मियों को अधिक सतर्कता, संयम और संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा मार्ग पर व्यवस्था सुचारू बनी रहे और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सहज यात्रा अनुभव मिल सके।

 

उन्होंने कहा कि वीकेंड के दौरान यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखनी होगी।

 

रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु हितैषी बनाने के उद्देश्य से लगातार निगरानी एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है।

 

 

ऊखीमठ / रुद्रप्रयाग। नगर पंचायत ऊखीमठ में तैनात अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर पंचायत के सभासदों और स्थानीय जनता के एक शिष्टमंडल ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा तथा केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल को ज्ञापन भेजकर अधिशासी अधिकारी के तत्काल स्थानांतरण की मांग उठाई है।

शिष्टमंडल का आरोप है कि नगर पंचायत के समग्र विकास के उद्देश्य से बोर्ड बैठकों में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए थे, लेकिन अधिशासी अधिकारी की उदासीन कार्यप्रणाली के चलते अधिकांश प्रस्ताव केवल फाइलों तक सीमित होकर रह गए हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि विकास कार्यों में लगातार हो रही देरी से नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और जनता में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। उपजिलाधिकारी अनिल रावत के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में सभासदों और स्थानीय लोगों ने कहा कि नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान हेतु पारित प्रस्तावों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप स्थानीय जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पंचायत में स्वीकृत विकास योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। वहीं निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों का भुगतान भी लंबे समय से लंबित पड़ा हुआ है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। भुगतान न मिलने के कारण कई ठेकेदारों ने कार्यों में रुचि कम कर दी है और उनके सामने आजीविका का संकट भी खड़ा हो गया है।

शिष्टमंडल का कहना है कि बोर्ड बैठक में कूड़ा निस्तारण के लिए मोबाइल वाहन खरीदने, मानसून से पूर्व सार्वजनिक स्थलों पर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए थे, लेकिन अधिशासी अधिकारी द्वारा इन प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप लगाया गया कि सभी योजनाएं केवल कागजों में सिमटकर रह गई हैं।

जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जनता को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उनका कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र की जनता विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और तेजी चाहती है, लेकिन वर्तमान हालात में विकास योजनाएं धरातल पर उतरती दिखाई नहीं दे रही हैं।

वहीं उपजिलाधिकारी ने शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और समस्याओं से शासन स्तर को अवगत कराया जाएगा तथा नियमानुसार उचित कार्रवाई हेतु पत्र अग्रसारित किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने वालों में सभासद सरला रावत, पूजा देवी, व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट, नवदीप नेगी, कर्मवीर बर्त्वाल, प्रकाश गुसाईं, जगदीश लाल एवं कर्मवीर कुंवर सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।

 

 

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ऊखीमठ नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवाल, जनप्रतिनिधियों ने उठाई तबादले की मांग

 

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। नगर पंचायत ऊखीमठ में तैनात अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर पंचायत के सभासदों और स्थानीय लोगों के एक शिष्टमंडल ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा तथा केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल को ज्ञापन भेजकर अधिशासी अधिकारी के तत्काल स्थानांतरण की मांग की है।

 

शिष्टमंडल का आरोप है कि नगर पंचायत के समग्र विकास के उद्देश्य से बोर्ड बैठकों में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए थे, लेकिन अधिशासी अधिकारी की उदासीन कार्यप्रणाली के चलते अधिकांश प्रस्ताव केवल फाइलों तक सीमित होकर रह गए हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि विकास कार्यों में लगातार हो रही देरी से नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

 

उपजिलाधिकारी अनिल रावत के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में सभासदों और स्थानीय लोगों ने कहा कि नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान हेतु पारित प्रस्तावों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके चलते स्थानीय जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में स्वीकृत विकास योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। वहीं निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों का भुगतान भी लंबे समय से लंबित पड़ा हुआ है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। भुगतान न मिलने के कारण कई ठेकेदारों ने कार्यों में रुचि कम कर दी है और उनके सामने आजीविका का संकट भी खड़ा हो गया है।

 

शिष्टमंडल का कहना है कि बोर्ड बैठक में कूड़ा निस्तारण के लिए मोबाइल वाहन खरीदने, मानसून से पूर्व सार्वजनिक स्थलों पर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए थे, लेकिन अधिशासी अधिकारी द्वारा इन प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप लगाया गया कि सभी योजनाएं केवल कागजों में सिमटकर रह गई हैं।

 

जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जनता को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उनका कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र की जनता विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और तेजी चाहती है, लेकिन वर्तमान हालात में योजनाएं धरातल पर उतरती दिखाई नहीं दे रही हैं।

 

वहीं उपजिलाधिकारी ने शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और समस्याओं से शासन स्तर को अवगत कराया जाएगा तथा नियमानुसार उचित कार्रवाई हेतु पत्र अग्रसारित किया जाएगा।

 

ज्ञापन सौंपने वालों में सभासद सरला रावत, पूजा देवी, व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट, नवदीप नेगी, कर्मवीर बर्त्वाल, प्रकाश गुसाईं, जगदीश लाल और कर्मवीर कुंवर सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।

 

 

रूद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध चंद्रशिला-तुंगनाथ क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर अचानक मौसम ने खतरनाक रूप ले लिया। ऊंचाई वाले इस संवेदनशील क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने की घटना से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वज्रपात की चपेट में आने से दो लोग प्रभावित हुए हैं, जिसके बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र तुरंत सक्रिय हो गया।

जानकारी के मुताबिक जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग को शुक्रवार दोपहर करीब 02:22 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष से आर.टी. सेट के माध्यम से घटना की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए SDRF, DDRF तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों को तत्काल अलर्ट कर मौके के लिए रवाना किया गया है। दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र में खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान तेजी से संचालित किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय क्षेत्र में मौसम अचानक खराब हुआ और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी। इससे आसपास मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रभावित दोनों व्यक्तियों की पहचान और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने कहा कि रेस्क्यू टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल भी भेजे जा सकते हैं।

घटना के बाद प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों से खराब मौसम के दौरान सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

 

 

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तुंगनाथ-चंद्रशिला क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से हड़कंप, दो लोग प्रभावित; रेस्क्यू में जुटीं SDRF-DDRF टीमें

 

रूद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध चंद्रशिला-तुंगनाथ क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर अचानक मौसम ने खतरनाक रूप ले लिया। ऊंचाई वाले इस संवेदनशील क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने की घटना से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वज्रपात की चपेट में आने से दो लोग प्रभावित हुए हैं, जिसके बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र तुरंत सक्रिय हो गया।

 

जानकारी के मुताबिक जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग को शुक्रवार दोपहर करीब 02:22 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष से आरटी सेट के माध्यम से घटना की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।

 

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए SDRF, DDRF तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों को तत्काल अलर्ट कर मौके के लिए रवाना किया गया है। दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र में खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान तेजी से संचालित किया जा रहा है।

 

बताया जा रहा है कि घटना के समय क्षेत्र में मौसम अचानक खराब हुआ और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी। इससे आसपास मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रभावित दोनों व्यक्तियों की पहचान और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

 

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने कहा कि रेस्क्यू टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल भी भेजे जा सकते हैं।

 

घटना के बाद प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों से खराब मौसम के दौरान सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।