लकड़ी उपलब्ध कराने को वन विभाग को कहा,
डीएम ने बुलाई अहम बैठक,
रुद्रप्रयाग। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के चलते एलपीजी गैस और पेट्रोल की संभावित कमी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में वन विभाग, वन निगम के अधिकारियों तथा होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि यदि भविष्य में एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखना आवश्यक है। उन्होंने होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी के साथ-साथ इंडक्शन चूल्हों का उपयोग करने की सलाह दी। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर कोयला और लकड़ी को भी वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के दौरान जिले में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में होटल, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में भोजन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पहले से तैयारियां करना जरूरी है। उन्होंने होटल एसोसिएशन को सुझाव दिया कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित कर ली जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने वन विभाग और वन निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर होटल एसोसिएशन को नियमानुसार लकड़ी उपलब्ध कराई जाए, ताकि ईंधन की कमी की स्थिति में उसका उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को रहने और भोजन की बेहतर सुविधाएं मिलें तथा उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी तथा होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।