रात के अंधेरे में हादसों से बचाने की पहल, नगर पालिका और गौ रक्षा विभाग की संयुक्त मुहिम,
रुद्रप्रयाग। नगर पालिका रुद्रप्रयाग के सहयोग से गौ रक्षा विभाग की टीम ने नगर क्षेत्र में घूम रहे निराश्रित गौवंश की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सड़कों पर घूम रहे गौवंश के गले में रेडियम रिफ्लेक्टर बेल्ट बांधी जा रही हैं, ताकि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
दरअसल, लंबे समय से राजमार्गों और ग्रामीण लिंक मार्गों पर निराश्रित गौवंश के घूमने की समस्या सामने आती रही है। रात के समय तेज गति से वाहन चलाने वाले तथा शराब के नशे में वाहन चला रहे चालकों की वजह से कई बार ये बेजुबान मवेशी हादसों का शिकार हो जाते हैं। कई मामलों में ये गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, जबकि कुछ घटनाओं में उनकी मौत भी हो चुकी है। इसी समस्या को देखते हुए गौ रक्षा विभाग ने नगर पालिका के सहयोग से गौवंश की सुरक्षा के लिए रेडियम रिफ्लेक्टर बेल्ट बांधने का अभियान चलाया है। यह बेल्ट वाहनों की हेडलाइट की रोशनी पड़ते ही चमकने लगती है, जिससे चालक दूर से ही सड़कों पर मौजूद जानवरों को देख सकें और समय रहते वाहन की गति धीमी कर सकें।
जानकारी के अनुसार रुद्रप्रयाग जिले में तीन निराश्रित गौशालाओं में लगभग 135 गौवंश का संरक्षण और देखरेख की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद जिले के कई क्षेत्रों में अभी भी करीब 500 निराश्रित गौवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर गौ रक्षा विभाग की टीम लगातार सक्रिय है और प्रशासन व सरकार से इनके स्थायी संरक्षण की मांग भी कर रही है। गौ रक्षा विभाग के अध्यक्ष रोहित डिमरी ने बताया कि नगर पालिका के सहयोग से रुद्रप्रयाग शहर में रेडियम रिफ्लेक्टर बेल्ट बांधने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये बेल्ट लंबी दूरी से दृश्यता सुनिश्चित करती हैं और खासकर कोहरे वाली सुबहों और रात के समय यह बेहद सहायक साबित होती हैं।
उन्होंने कहा कि रात के समय निराश्रित गौवंश के सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने और मरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में यह बेल्ट वाहनों की हेडलाइट्स को प्रतिबिंबित करती हैं, जिससे जानवर सुरक्षित दूरी से स्पष्ट दिखाई देते हैं और चालकों को समय रहते वाहन धीमा करने का अवसर मिल जाता है। उन्होंने बताया कि गौ रक्षा विभाग की टीम समय-समय पर पशुपालन विभाग, नगर पालिका और पंचायतों के सहयोग से इस तरह के अभियान चलाती रहती है, ताकि निराश्रित गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
गौ रक्षा विभाग के उपाध्यक्ष दीपक नौटियाल, अंकित राणा और संदीप कोठारी ने भी वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि कई बार लोग निराश्रित गौवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से भाग जाते हैं, जो बेहद अमानवीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को तुरंत सूचना देनी चाहिए, ताकि घायल पशुओं का समय पर उपचार किया जा सके और उनकी जान बचाई जा सके। उन्होंने बताया कि आगे भी अन्य जगहों पर यह कार्यवाही जारी रहेगी।