govt-ads

केदारनाथ धाम में वायरल वीडियो से व्यवस्था पर सवाल, पंडा समाज पर कथित वसूली के आरोपों को लेकर यात्रियों का हंगामा,

Blog
 Image

मंदिर प्रांगण में रील बनाने का वीडियो भी वायरल,

 

रोहित डिमरी 

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में देशभर से आस्था लेकर पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बीच सामने आए दो वायरल वीडियो ने धाम की व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वीडियो में कुछ तीर्थ यात्री पूजा-पाठ एवं दर्शन के नाम पर कथित रूप से धनराशि मांगे जाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में मंदिर प्रांगण में कुछ लोग डांस करते हुए रील बनाते नजर आ रहे हैं। दोनों वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में है।

वायरल वीडियो में आक्रोशित तीर्थ यात्री कथित तौर पर पंडा समाज की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूजा-अर्चना और दर्शन के नाम पर मनमानी वसूली का आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि हजारों किलोमीटर की यात्रा कर बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं पर धार्मिक आस्था के नाम पर किसी प्रकार का आर्थिक दबाव नहीं होना चाहिए। यात्रियों ने पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित शुल्क और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता की मांग की है।

हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पंडा समाज की ओर से भी समाचार लिखे जाने तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों के बयान और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

दूसरे वायरल वीडियो ने केदारनाथ मंदिर की गरिमा और परिसर में लागू मोबाइल एवं वीडियोग्राफी संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में मंदिर प्रांगण में कुछ लोग डांस करते हुए रील बनाते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने तथा निगरानी व्यवस्था और सख्त करने की मांग की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि केदारनाथ जैसे विश्वप्रसिद्ध धार्मिक धाम में नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होने चाहिए। सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए मंदिर परिसर की धार्मिक मर्यादा प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।

वायरल वीडियो के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मंदिर समिति और प्रशासन इन मामलों में क्या कार्रवाई करते हैं। साथ ही श्रद्धालुओं से जुड़े पूजा-पाठ एवं शुल्क व्यवस्था में पारदर्शिता तथा मंदिर प्रांगण में मोबाइल और रील बनाने पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

 

बीकेटीसी बोला—मामलों में की जा रही कार्रवाई,

रूद्रप्रयाग। बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण ने कहा कि मंदिर समिति की ओर से इन मामलों में कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से यात्रा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने तीर्थ यात्रियों से धार्मिक महत्ता को समझते हुए संयम बनाए रखने की अपील की।