पीएचसी उच्चीकरण की मांग को लेकर 19वें दिन भी धरना जारी, मातृशक्ति ने बाजार में प्रदर्शन कर आंदोलन को दिया समर्थन

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7 अक्टूबर को आक्रोश रैली व पुतला दहन की चेतावनी,

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को 19वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने राज्य आंदोलनकारी अमर शहीद अशोक कैशिव के स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री तथा देश-प्रदेश के अमर शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

आंदोलनकारियों ने कहा कि ऊखीमठ क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए पीएचसी का उच्चीकरण लंबे समय से चली आ रही जनभावना से जुड़ी मांग है। इसके बावजूद शासन स्तर से अभी तक उच्चीकरण को लेकर ठोस शासनादेश जारी नहीं हुआ है, जिससे क्षेत्रवासियों में रोष बढ़ता जा रहा है। धरना स्थल पर पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि ऊखीमठ भौगोलिक रूप से विषम क्षेत्र होने के साथ ही केदारनाथ, तुंगनाथ और मदमहेश्वर धाम की यात्रा का प्रमुख केंद्र है। यात्रा सीजन में यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। पीएचसी के उच्चीकरण से स्थानीय जनता के साथ ही तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

आंदोलन के 19वें दिन तुंगनाथ और मदमहेश्वर घाटी के विभिन्न गांवों से पहुंची मातृशक्ति ने आंदोलन को समर्थन देते हुए मुख्य बाजार में प्रदर्शन किया। महिलाओं ने शासन-प्रशासन से पीएचसी ऊखीमठ का शीघ्र उच्चीकरण करने की मांग उठाई।

नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण ने कहा कि दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में गंभीर बीमारी अथवा आपात स्थिति में मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पीएचसी का उच्चीकरण किसी एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे ऊखीमठ विकासखंड के दूरस्थ गांवों की जनभावना से जुड़ा विषय है। उन्होंने आंदोलन को हर स्तर पर सहयोग देने की बात कही।

 

संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजीव भट्ट के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने तहसील प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण को लेकर शीघ्र शासनादेश जारी करने की मांग की गई।

संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समिति ने 7 अक्टूबर को ऊखीमठ मुख्य बाजार में आक्रोश रैली, पुतला दहन और व्यापक विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संघर्ष समिति अध्यक्ष राजीव भट्ट ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर क्षेत्र की जनता, मातृशक्ति, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को साथ लेकर आंदोलन को निर्णायक चरण तक पहुंचाया जाएगा।

पूर्व सभासद प्रमोद नेगी ने कहा कि शासन की ओर से पूर्व में सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इससे क्षेत्र की जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण का शासनादेश जारी करने की मांग की।

इस अवसर पर सभासद प्रदीप धर्म्वाण, बलवीर पंवार, सरला रावत, महावीर नेगी, महेश बर्त्वाल, अंजनेश पंवार, प्रताप धर्म्वाण, दलवीर रावत, अनसूया प्रसाद टमटा, प्रताप सिंह रावत, सौरभ भट्ट, मदन सिंह धर्म्वाण, बलवीर धर्म्वाण, राजेंद्र सिंह धर्म्वाण, साक्षी नेगी, शिव शरण पंवार, बलवंत रावत, मदनी देवी, सुरमा देवी, विनीता देवी, अंजू देवी, माहेश्वरी देवी, शकुंतला देवी, अंजना देवी, शांति देवी, रेखा देवी, सरिता देवी, ममता देवी, रूची देवी, गीता देवी, आरती देवी सहित विभिन्न गांवों की मातृशक्ति और आंदोलनकारी मौजूद रहे।