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6500 से अधिक यात्रियों और 700 के करीब घोड़े-खच्चरों को सुरक्षित निकाला, क्षतिग्रस्त मार्ग पर जवानों ने संभाला मोर्चा,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के समीप सोमवार को पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण पैदल मार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के सामने सुरक्षित मार्ग पार करने की चुनौती खड़ी हो गई। विषम परिस्थितियों के बीच राज्य आपदा प्रतिवादन बल के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए हजारों यात्रियों को सुरक्षित क्षतिग्रस्त मार्ग पार कराया।
घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल के सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर सोनप्रयाग स्थित बल की चौकी से उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में जवान तत्काल चीरबासा पहुंचे। टीम ने मौके का निरीक्षण कर पुलिस, जिला आपदा प्रतिवादन बल और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया तथा राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
मार्ग की जोखिमपूर्ण स्थिति के बावजूद जवानों ने पूरी सतर्कता के साथ यात्रियों को एक-एक कर क्षतिग्रस्त हिस्से से सुरक्षित निकाला। अभियान के दौरान अब तक 6500 से अधिक तीर्थयात्रियों को सुरक्षित मार्ग पार कराया जा चुका है। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर आवाजाही कर रहे करीब 700 के करीब घोड़े-खच्चरों को भी सुरक्षित निकाला गया।
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में खतरा लगातार बना हुआ है। ऐसे में जवान यात्रियों की आवाजाही पर लगातार निगरानी रख रहे हैं और उन्हें संवेदनशील स्थानों पर सावधानी बरतने के लिए सचेत कर रहे हैं। परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ही यात्रियों को आगे भेजा जा रहा है।
चीरबासा में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग के बीच राज्य आपदा प्रतिवादन बल, पुलिस, जिला आपदा प्रतिवादन बल तथा स्थानीय प्रशासन की संयुक्त तत्परता से यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद मिली है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मार्ग की स्थिति और मौसम को देखते हुए ही यात्रियों की आवाजाही कराई जा रही है। यात्रियों से अपील है कि वे प्रशासन एवं सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करें और संवेदनशील स्थानों पर अनावश्यक जोखिम न लें।

