रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सोमवार को जिला सभागार में संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने यात्रा मार्ग, स्वास्थ्य, पेयजल, पशुपालन, खाद्य आपूर्ति, यातायात और स्वच्छता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग की सभी सड़कों को 15 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से गड्ढामुक्त किया जाए। उन्होंने वर्षा के कारण सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल करने तथा संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी एमआरपी में पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को पशु चिकित्सा केंद्रों पर दवाओं एवं चिकित्सकों की उपलब्धता के साथ यात्रा मार्ग पर पशुओं के लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था करने को कहा।
उन्होंने संबंधित विभागों को पेयजल लाइनों की मरम्मत एवं रखरखाव समय से पूरा करने तथा चिरबासा क्षेत्र में क्षतिग्रस्त साइन बोर्डों को शीघ्र पुनः स्थापित करने के निर्देश दिए। पूर्ति विभाग को पर्याप्त खाद्यान्न का भंडारण सुनिश्चित करने को कहा।
खाद्य सुरक्षा विभाग को यात्रा मार्ग और प्रमुख प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण एवं छापेमारी करने तथा एक्सपायरी या मानकविहीन खाद्य सामग्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आबकारी विभाग को भी लगातार चेकिंग एवं छापेमारी करने को कहा गया।
यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, जबकि यात्रा पड़ावों पर स्वच्छता एवं कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पारुल गोयल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

