डीएचएस बैठक में डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश, तंबाकू बिक्री पर सख्ती और स्वास्थ्य स्क्रीनिंग बढ़ाने पर जोर,
रुद्रप्रयाग। जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वीकृत 18.73 करोड़ रुपये के बजट के तहत प्रस्तावित गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।
जिला सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारूल गोयल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा करने तथा एचपीवी के नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए।
आरबीएसके कार्यक्रम की समीक्षा में जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में दीर्घकालिक अथवा पुरानी बीमारी से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उनकी सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने को कहा। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने बाल विकास विभाग द्वारा उपलब्ध बजट के तहत एनीमिया जांच से गुजरने वाले बच्चों की सूची उपलब्ध कराने तथा उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा में जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को चालानी कार्रवाई बढ़ाने तथा शिक्षा विभाग को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान अभियान के तहत स्कूलों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पीसीपीएनडीटी कार्यक्रम के तहत माधव अस्पताल की ओर से नई अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदने संबंधी आवेदन बैठक में रखा गया। जिलाधिकारी ने संबंधित पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा में जिलाधिकारी ने माय भारत वालंटियर की ब्लॉक स्तरीय टीम गठित करने, अधिक से अधिक नि-क्षय मित्र बनाने तथा एक्स-रे स्क्रीनिंग बढ़ाने पर जोर दिया। गैर-संचारी रोग कार्यक्रम के तहत सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर की स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किशोर स्वास्थ्य मित्रता केंद्रों में नियमित काउंसलिंग सत्र आयोजित करने को भी कहा गया।
बैठक में कुछ आशा कार्यकत्रियों के कार्यक्षेत्र में उपलब्ध न रहने की शिकायत भी जिलाधिकारी के संज्ञान में लाई गई। इस पर उन्होंने संबंधित पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम जखोली भगत सिंह फोनिया, एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, एसडीएम ऊखीमठ अनिल सिंह रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी पीआर मलेठा, जिला शिक्षा अधिकारी सोनी महरा, डीएचएमओ डॉ. दीपा तिलारा, डीटीओ डॉ. कुणाल चौधरी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अक्षिता ममगाईं, डॉ. गोपाल सजवाण, डॉ. खुशपाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक हिमांशु नौडियाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

