रुद्रप्रयाग। सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि आज देश और समाज के सामने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति एक गंभीर चुनौती है। युवा शक्ति को नशे से दूर रखकर शिक्षा, संस्कार, रोजगार, योग, खेल और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए संत समाज, सरकार, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाना चाहिए।
जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग मे आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था राष्ट्र की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। शासन-प्रशासन में जवाबदेही, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को और मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विषय पर कहा कि इस संबंध में देश में व्यापक एवं तथ्यपरक चर्चा होनी चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने वाले सभी पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक और पर्यटन की दृष्टि से देश की महत्वपूर्ण धरोहर है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित प्रदेश के तीर्थस्थलों का सुव्यवस्थित विकास श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी गति दे सकता है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग भी चारधाम तथा विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को पर्यटन परिपथों के माध्यम से बढ़ावा दे रहा है।
स्वामी रसिक महाराज ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश के विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा चारधाम यात्रा को सुविधाजनक बनाने के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देवभूमि की धार्मिक पहचान के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, लोककला, तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा देना उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज एवं बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी , उपाध्यक्ष विजय कपरूवाण, ऋषि प्रसाद सती के पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में कार्यों की भी सराहना की। उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक विवरण के अनुसार सतपाल महाराज के पास पर्यटन एवं संस्कृति सहित कई विभागों का दायित्व है।
स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और स्थानीय अर्थव्यवस्था से भी जुड़ी हुई है। इसलिए तीर्थस्थलों के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, स्वच्छता, यात्री सुविधाओं और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने देश के युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें और अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाएं। उन्होंने कहा कि “नशामुक्त युवा, संस्कारिक युवा और राष्ट्र के प्रति समर्पित युवा ही विकसित एवं सशक्त भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं।”
इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों से सामाजिक एकता, राष्ट्र चेतना, भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूकता, नशामुक्ति तथा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, उपाध्यक्ष प्रवासी परिषद ओमप्रकाश भट्ट मौजूद रहे।

