हिंदी दिवस पर आयोजित समारोह में मेधावी छात्र सम्मानित,मातृभाषा को तकनीक व ज्ञान से जोड़ने पर मुख्यमंत्री का जोर

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देहरादून। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित भव्य 'हिंदी दिवस समारोह' में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

हिंदी केवल बोलने और लिखने की भाषा नहीं, बल्कि भारत की जड़ों, संस्कारों और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी पहचान है। बदलते दौर में हिंदी को ज्ञान, विज्ञान, तकनीक और नवाचार के साथ जोड़कर इसे नए युग की भाषा बनाने की जरूरत है। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित हिंदी दिवस समारोह के दौरान कही। उन्होंने हिंदी से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी हमारी अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम होने के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत से भी गहराई से जुड़ी है। युवाओं को अपनी मातृभाषा पर गर्व करना चाहिए और हिंदी के विकास में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेजी से तकनीक और नवाचार के दौर में आगे बढ़ रही है। ऐसे में हिंदी को भी समय की जरूरतों के अनुरूप आगे ले जाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी को केवल साहित्य और सामान्य संवाद तक सीमित रखने के बजाय इसे ज्ञान, विज्ञान, तकनीक और नवाचार के नए क्षेत्रों से जोड़ना होगा। डिजिटल युग में हिंदी की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जरूरत इस बात की है कि नई पीढ़ी तकनीक के माध्यम से हिंदी के अधिक से अधिक उपयोग और विस्तार की दिशा में काम करे। उन्होंने कहा कि हिंदी को देश के साथ-साथ विश्व के हर मंच पर अपनी मजबूत और प्रभावी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके लिए भाषा के प्रति सम्मान के साथ आधुनिक तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल हिंदी से नहीं, बल्कि यहां की समृद्ध क्षेत्रीय बोलियों, लोकभाषाओं और साहित्यिक परंपराओं से भी जुड़ी है। सरकार इन भाषाओं और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोकभाषाएं और बोलियां प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार की ओर से इन क्षेत्रों में आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के साहित्यकारों ने हिंदी और उत्तराखंड की लोकभाषाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके रचनात्मक योगदान को प्रोत्साहित करने और सम्मान देने के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। हिंदी दिवस समारोह में प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषा का भविष्य नई पीढ़ी के हाथों में है। युवाओं में हिंदी के प्रति गौरव की भावना के साथ आधुनिक सोच विकसित करना जरूरी है। हिंदी को परंपरा से जोड़ते हुए तकनीक और नवाचार के साथ आगे बढ़ाना ही इसे वैश्विक स्तर पर और मजबूत पहचान दिला सकता है।