नमामि गंगे परियोजनाओं में तेजी के निर्देश, गुणवत्ता से समझौता न करने को कहा,

Blog
 Image

गौरीकुंड एसटीपी अप्रैल से फंक्शनल, अन्य परियोजनाओं को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश,

रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक लेते हुए नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत जनपद में संचालित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए।

 

बैठक में 200 केएलडी एसटीपी गौरीकुंड, छह केएलडी एसटीपी सीतापुर, 100 केएलडी एसटीपी तिलवाड़ा (जोहकासौ), छह केएलडी एसटीपी सोनप्रयाग तथा 10 केएलडी एसटीपी (10 एम+5 एफ) और शौचालय ब्लॉक सोनप्रयाग की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और निर्धारित पूर्णता तिथियों की जानकारी दी।

 

अधिकारियों ने बताया कि 200 केएलडी एसटीपी गौरीकुंड अप्रैल 2026 में फंक्शनल हो चुका है, जबकि अन्य परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूरा करने की कार्रवाई चल रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही परियोजनाओं की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता एवं निर्मलता बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। नमामि गंगे परियोजनाओं का उद्देश्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के साथ सीवेज के वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।

 

बैठक में वन भूमि संबंधी प्रस्तावों तथा श्री केदारनाथ धाम में स्थापित 600 केएलडी एसटीपी के हस्तांतरण एवं प्रबंधन से जुड़े प्रकरण की भी समीक्षा की गई और आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने को कहा गया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, एसडीएम जखोली भगत सिंह फोनिया, एसडीएम ऊखीमठ अनिल रावत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, अधिशासी अभियंता पेयजल निर्माण निगम रमाकांत गुप्ता समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।