डेंगू रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 39 हजार घरों का सर्वे,, 1.56 लाख आबादी तक पहुंची स्वास्थ्य टीमें, 3.81 लाख कंटेनरों की जांच

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1276 आरडीटी और 25 एलाईजा टेस्ट सभी नेगेटिव,

रुद्रप्रयाग। जनपद में डेंगू रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग का सोर्स रिडक्शन एवं जनजागरूकता अभियान लगातार जारी है। 15 जून 2026 से चलाए जा रहे अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अब तक 39,158 घरों का सर्वे कर 1,56,477 की आबादी को कवर किया है। इस दौरान घरों एवं आसपास पानी जमा होने वाले 3,81,522 टैंक व अन्य कंटेनरों की जांच की गई। वहीं, अब तक 1,276 लोगों के रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) तथा 25 लोगों के एलाईजा टेस्ट किए गए हैं। राहत की बात यह है कि सभी जांचों के परिणाम नेगेटिव पाए गए हैं।

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. पारूल गोयल ने बताया कि डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग उपचार प्रबंधन के साथ ही मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने और लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दे रहा है। आशा कार्यकत्रियों, एएनएम एवं अभियान के लिए गठित स्वास्थ्य टीमों द्वारा घर-घर जाकर सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान लोगों को घरों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के आसपास पानी जमा न होने देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ठहरे हुए पानी में डेंगू के मच्छर के पनपने की आशंका रहती है। ऐसे में डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय मच्छरों को पनपने से रोकना है।

 

सीएमओ ने लोगों से पानी की टंकियों एवं अन्य जल भंडारण पात्रों को ढककर रखने, कूलर, फूलदान, गमले, टायर तथा अन्य ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करने की अपील की, जहां पानी जमा हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में एक दिन अपने घर एवं आसपास के क्षेत्र में मात्र दस मिनट निकालकर पानी जमा होने वाले संभावित स्थानों की सफाई करे। साथ ही डेंगू के मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का प्रयोग करने तथा मच्छररोधी क्रीम और स्प्रे का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि डेंगू को लेकर जिले में उपचार एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। संभावित मरीजों के उपचार के लिए जनपद में कुल 16 डेंगू आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गई है। इनमें सीएचसी अगस्त्यमुनि में छह, सीएचसी जखोली में दो, पीएचसी ऊखीमठ में दो तथा माधवाश्रम चिकित्सालय में छह बेड शामिल हैं। इसके अलावा चिकित्सालय स्तर पर डेंगू प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की गई है।

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में डेंगू जांच किट उपलब्ध हैं। सीएचसी अगस्त्यमुनि, सीएचसी जखोली, पीएचसी ऊखीमठ एवं जिला चिकित्सालय में डेंगू जांच की सुविधा उपलब्ध है। वहीं, जिला चिकित्सालय स्थित डीपीएचएल (डिस्ट्रिक्ट प्रायरिटी हेल्थ लैब) में एलाईजा टेस्ट की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि डेंगू के संभावित लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और चिकित्सकीय परामर्श लें। साथ ही अपने घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि डेंगू के मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।