Mar 14, 2026

कोठगी-घोलतीर मोटर पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना, 18 साल से लंबित है पुल निर्माण, सरकार पर उपेक्षा का आरोप

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रुद्रप्रयाग। बद्रीनाथ हाईवे को तल्लानागपुर क्षेत्र से जोड़ने वाले कोठगी-घोलतीर मोटर पुल के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है। धरना दे रहे ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन पर लंबे समय से उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए सरकार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की।
धरना का नेतृत्व कर रहे विजय लाल ने कहा कि पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण को लेकर मार्च 2005 में स्वीकृति भी मिल चुकी है और लोक निर्माण विभाग अब तक लगभग 45 लाख रुपये खर्च कर चुका है। इसके बावजूद विभाग अब पुल को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की बात कर ग्रामीणों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सूरज सिंह नेगी ने भी ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन दिया। कहा कि 21वीं सदी के आधुनिक दौर में भी जिले के ग्रामीण अपनी स्वीकृत योजनाओं को धरातल पर उतरवाने के लिए धरना देना पड रहा है। उन्होने आरोप लगाया कि जनपद में विकास कार्यों की गति असंतुलित है। निर्माण कार्यों के समय पर पूर्ण न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों को अन्य विकास योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। कहा कि सत्ता से जुड़े लोग अपनी मनमानी कर विकास कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे हैं। राजनैतिक दखलंदाजी के चलते कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधर में लटकी हैं। इसी पक्षपातपूर्ण रवैये और हस्तक्षेप के कारण जिले के कई दुर्गम क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह पिछड़ गए हैं।

वहीं दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस भी धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को जल्द आवश्यक कार्यवाही पूरी कर पुल निर्माण शुरू कराने का आश्वासन दिया। अधिशासी अभियंता के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। धरने के दौरान ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 18 वर्षों से शासन और प्रशासन केवल आश्वासन ही दे रहा है, जबकि समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।