Mar 14, 2026

राष्ट्रीय लोक अदालत में 164 मामलों का निस्तारण, 71 लाख से अधिक की समझौता राशि वसूल

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रुद्रप्रयाग। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जनपद न्यायालय रुद्रप्रयाग एवं बाह्य न्यायालय ऊखीमठ में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। न्यायाधीश सहदेव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस अदालत में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत के सफल संचालन के लिए तीन पीठों का गठन किया गया था, जिन्होंने विभिन्न सिविल और फौजदारी मामलों का निपटारा किया पीठ संख्या एक में जिला एवं सेशन न्यायाधीश सहदेव सिंह एवं अधिवक्ता सदस्य विनोद कुमार खण्डूड़ी की पीठ ने पांच वादों का निस्तारण कर ₹12,00,000 की समझौता राशि वसूल की। पीठ संख्या दो में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार एवं अधिवक्ता सदस्य सुशील चन्द्र भट्ट की पीठ ने सर्वाधिक 102 वादों का निस्तारण किया, जिसमें ₹33,92,800 की समझौता राशि तय हुई। पीठ संख्या तीन ऊखीमठ में बाह्य न्यायालय ऊखीमठ में सिविल जज (जू.डि.) सन्तोष पच्छिमी एवं अधिवक्ता सदस्य बीरेन्द्र दत्त गोस्वामी की पीठ ने 15 वादों का निस्तारण कर ₹7,35,500 की धनराशि वसूल की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह बताया कि लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंक ऋण से संबंधित 42 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल ₹17,99,700 की रिकवरी सुनिश्चित की गई। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से विवादों का निस्तारण न केवल त्वरित होता है, बल्कि इससे दोनों पक्षों के बीच कटुता भी समाप्त होती है। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में पुलिस उपाधीक्षक विकास पुण्डीर, सम्भागीय परिवहन अधिकारी धर्मेन्द्र बिष्ट, बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, वरिष्ठ सहायक कमलेश नेगी समेत न्यायालय के अन्य कर्मचारियों और अधिवक्तागणों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।