एक सप्ताह से धरने पर व्यापारी और भवन स्वामी, 35 से अधिक परिवार प्रभावित होने का दावा, बारिश के बीच भी जारी रहा प्रदर्शन,
रुद्रप्रयाग। शहर के बेलनी में प्रस्तावित नए मोटर पुल के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रस्तावित निर्माण स्थल के विरोध में स्थानीय व्यापारी और भवन स्वामी पिछले एक सप्ताह से धरने पर डटे हैं। लगातार बारिश के बावजूद आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित स्थल पर पुल निर्माण के बजाय पुराने पुल के स्थान पर ही नया पुल बनाने की मांग की है।
दरअसल, करीब 60 वर्ष पुराने जर्जर स्टील पुल के स्थान पर 85.68 मीटर लंबे नए मोटर सेतु का निर्माण प्रस्तावित है। करीब 33.05 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल को पुराने पुल के अपस्ट्रीम साइड में बनाए जाने की योजना है। स्थानीय व्यापारी और भवन स्वामी इसी प्रस्तावित स्थल का विरोध कर रहे हैं।
प्रभावित लोगों का कहना है कि यदि नए पुल का निर्माण प्रस्तावित स्थल पर किया जाता है तो 35 से अधिक परिवार और कारोबारी सीधे प्रभावित हो सकते हैं। उनका दावा है कि कई लोग वर्षों से बेलनी क्षेत्र में दुकान और कारोबार संचालित कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में निर्माण कार्य से उनके सामने रोजगार और आवास का संकट खड़ा हो सकता है।
आंदोलनकारियों की मांग है कि पुल निर्माण की योजना में पुनर्विचार करते हुए नया पुल पुराने पुल के स्थान पर ही बनाया जाए, ताकि क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्य भी हो और स्थानीय व्यापारियों व भवन स्वामियों के हित भी सुरक्षित रहें।
सभासद सुरेंद्र रावत, अनीता बर्त्वाल, लक्ष्मी देवी, प्रधान सांदर बंटी जगवान और विजया नेगी समेत प्रभावित लोगों ने सरकार और प्रशासन से निर्माण स्थल की पुनः समीक्षा करने की मांग की है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने दिया समर्थन
आंदोलन को नगर पालिका अध्यक्ष संतोष रावत का भी समर्थन मिला है। उन्होंने प्रभावित व्यापारियों और भवन स्वामियों की मांग को जायज बताते हुए उनके साथ खड़े रहने की बात कही। नगर पालिका अध्यक्ष के समर्थन के बाद आंदोलन को और मजबूती मिलने के संकेत हैं।
बारिश में भी धरने पर डटे आंदोलनकारी
लगातार हो रही बारिश के बावजूद महिला और पुरुष आंदोलनकारी धरना स्थल पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की।
वहीं, स्थानीय महिलाओं ने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के अब तक आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंचने को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि एक सप्ताह से आंदोलन चल रहा है, लेकिन प्रभावित लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए अपेक्षित पहल नहीं हुई है।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें पुल निर्माण से आपत्ति नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के रोजगार और आशियाने पर संकट स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से वार्ता कर निर्माण स्थल को लेकर व्यावहारिक समाधान निका
लने की मांग की है।