Aug 18, 2026

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर डीएम सख्त, सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश

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परगनों में नियमित निरीक्षण के साथ बल्क वेस्ट जनरेटरों की सूची होगी तैयार, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बढ़ेंगे डस्टबिन,

रुद्रप्रयाग। उच्च न्यायालय के आदेशों एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी अनुपालन को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समिति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था केवल नगर निकायों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्रामीण, वन, पर्यटन क्षेत्रों और यात्रा मार्गों पर भी प्रभावी रूप से लागू की जाए। जिलाधिकारी ने सभी परगनों में नियमित निरीक्षण कर कूड़ा संग्रहण, पृथक्करण, निस्तारण, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग और स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए। 

 

उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान कमियां पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और विस्तृत निरीक्षण आख्या जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पर्यटकों, यात्रियों एवं ट्रैकरों की आवाजाही वाले वन क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने के साथ एमआरएफ सेंटर, डस्टबिन एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की जरूरत का आकलन कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी ने होटल, ढाबों, यात्रा मार्गों और पर्यटन स्थलों पर सिंगल यूज प्लास्टिक के पूर्ण प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने होटल एसोसिएशन एवं घोड़ा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्वैच्छिक स्वच्छता के लिए जागरूकता बढ़ाने तथा होटल संचालकों से निर्धारित यूजर चार्ज की वसूली सुनिश्चित करने को कहा। सभी नगर निकायों में बल्क वेस्ट जनरेटरों की सूची तैयार कर संबंधित उप जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराने तथा उनके साथ नियमित बैठक कर कूड़े के पृथक्करण, संग्रहण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए रिंग फेंस मद से आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों की जरूरत का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। 

 

जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने एमआरएफ सेंटर के लिए भूमि की आवश्यकता बताई, जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम ऊखीमठ को उपयुक्त भूमि चिह्नित कर जिला पंचायत के अधिकारियों के साथ समन्वय से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त डस्टबिन स्थापित करने के लिए सर्वे कराने तथा इनके नियमित कूड़ा उठान एवं निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। सोनप्रयाग-गौरीकुंड-केदारनाथ प्रस्तावित रोपवे के समानांतर सोनप्रयाग, गौरीकुंड एवं केदारनाथ में आवश्यक सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया भी समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए गए।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि बढ़ते पर्यटन एवं तीर्थाटन को देखते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। अधिकारी केवल निर्देश जारी करने तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित मैदानी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन करें और कमियों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, एसडीएम ऊखीमठ अनिल रावत, एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, एसडीएम जखोली भगत सिंह फोनिया, केदारनाथ एवं रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत वीरेंद्र गुसाईं, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।