Jul 06, 2026

जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश, जनपद के लिए बनेगा समग्र सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान,

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एमआरएफ संचालन, रीसाइक्लिंग, जीपीएस युक्त कूड़ा वाहन एवं बल्क वेस्ट जनरेटर के चिन्हांकन पर रहेगा विशेष फोकस,

रुद्रप्रयाग। जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पंचायत, सुलभ तथा जनपद के सभी नगर निकायों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शासन के दिशा-निर्देशों एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में जिला पंचायत एवं सभी नगर निकायों से उनके क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने कहा कि ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्रों से निकलने वाले सूखे कचरे का निस्तारण केवल अधिकृत एवं पंजीकृत रीसाइक्लिंग कंपनियों के माध्यम से ही कराया जाए। संबंधित कंपनियों की वैधता का समय-समय पर सत्यापन किया जाए तथा उनके यहां निस्तारित किए गए कचरे का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाए। साथ ही प्रत्येक माह पुनर्चक्रित कचरे का प्रमाण-पत्र संबंधित रीसाइक्लिंग कंपनी से अनिवार्य रूप से प्राप्त किया जाए।

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी एमआरएफ केंद्रों के संचालन का सत्यापन कराने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक केंद्र की संचालन स्थिति एवं गूगल लोकेशन सहित विस्तृत सूची जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में गीले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर भी विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गीले कचरे के प्रबंधन के लिए विकसित मॉडल का निरीक्षण कर यह परीक्षण किया जाए कि संबंधित मशीन को श्री केदारनाथ धाम में स्थापित करना व्यवहारिक एवं उपयोगी होगा अथवा नहीं।

उन्होंने नगर निकायों एवं जिला पंचायत को निर्देश दिए कि प्रतिदिन अधिक मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले होटल, लॉज, धर्मशालाओं एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वेक्षण कर उनकी सूची तैयार की जाए, ताकि उन्हें 'बल्क वेस्ट जनरेटर' के रूप में चिन्हित कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण में लगे सभी वाहनों में जीपीएस प्रणाली को अनिवार्य रूप से सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने ऐसे वाहनों की अद्यतन सूची भी उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी संचालन में किसी प्रकार के संसाधन अथवा उपकरणों की कमी हो तो उसका तथ्यात्मक प्रस्ताव तत्काल जिला कार्यालय को भेजा जाए, ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में उच्चतम न्यायालय के आदेशों एवं शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि न्यायालय के आदेशों तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का प्रत्येक स्तर पर अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को दीर्घकालिक, समन्वित एवं प्रभावी बनाने के लिए पूरे जनपद का एक समग्र सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इससे कचरा प्रबंधन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं स्थायी बन सकेगी।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में दिए गए निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अनुपालन आख्या शीघ्र जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।