Feb 19, 2026

शिक्षा के क्षेत्र में रुद्रप्रयाग की बड़ी उपलब्धि, डॉ. राधेलाल उत्तरांचली को ‘डीलिट’ की सर्वोच्च उपाधि

post-img


दिल्ली में किया गया सम्मानित, शिक्षा जगत में खुशी की लहर
रुद्रप्रयाग। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के साथ ही समाज सेवा के लिए समर्पित जनपद के शिक्षक डॉ. राधेलाल उत्तरांचली को दिल्ली में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में देश की प्रतिष्ठित अकादमिक उपाधि डीलिट (डॉक्टर ऑफ लिटरेचर) से सम्मानित किया गया। काशी हिन्दी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुखमंगल सिंह, कुलपति डॉ. संभाजी राजाराम बाविस्कर तथा कुलसचिव इन्द्रजीत तिवारी ने डॉ. उत्तरांचली को संयुक्त रूप से उपाधि प्रदान की।
डॉ. उत्तरांचली को यह सम्मान उनकी ओर से शिक्षा और समाज के उत्थान के लिए किए गए शोधपरक और निस्वार्थ कार्यों के लिए दिया गया। गौरतलब है कि डीलिट की उपाधि अकादमिक जगत का सर्वोच्च सम्मान मानी जाती है, जो केवल पीएचडी धारकों को ही उनके असाधारण योगदान के आधार पर दी जाती है। डॉ. उत्तरांचली को पूर्व में भी शिक्षा व समाज सेवा में मानद डॉक्टरेट सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा चुका है। डॉ. राधेलाल उत्तरांचली न केवल एक कुशल शिक्षक हैं, बल्कि वे नब्बे के दशक से ही शिक्षक हितों के लिए संघर्षरत हैं। वे कई शिक्षक-कर्मचारी संगठनों के जनपदीय और प्रांतीय पदों पर आसीन रह चुके हैं। वर्तमान में वे जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, रुद्रप्रयाग के निर्वाचित जिला महामंत्री के रूप में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जनपद के शिक्षा विभाग, शिक्षक संघों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शुभकामनाए प्रेषित की। भूगोल वेता प्रवीन रावत ने कहा कि इस सम्मान से न केवल डॉ. उत्तरांचली का कद बढ़ा है, बल्कि पूरे उत्तराखंड के शिक्षक समाज का गौरव भी बढ़ा है।