Jul 08, 2026

कई जिलों में वांछित गैंगस्टर गिरफ्तार

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रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा घोषित एक लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर योगेश मलिक उर्फ भदौरिया को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, रंगदारी और अन्य संगीन अपराधों के 46 से अधिक मुकदमों में वांछित इस अपराधी की गिरफ्तारी को उत्तराखंड पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। आरोपी के कब्जे से एक अवैध .315 बोर का तमंचा और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार 8 जुलाई 2026 को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि चैती मेला मार्ग पर एक संदिग्ध व्यक्ति घूम रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली आईटीआई पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कॉलर की निशानदेही पर पुरानी चैती चौकी के पास स्थित खंडहर के निकट घेराबंदी कर संदिग्ध को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान योगेश मलिक उर्फ भदौरिया, निवासी यूपी के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध .315 बोर का तमंचा तथा तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने तत्काल उसे आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत गिरफ्तार कर लिया। गहन पूछताछ और यूपी पुलिस से समन्वय स्थापित करने पर खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी यूपी पुलिस द्वारा घोषित एक लाख रुपये का इनामी अपराधी है। उसके खिलाफ मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा सहारनपुर के गंगोह थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में भी वह लंबे समय से फरार चल रहा था। थाना गंगोह पुलिस ने भी उस पर घोषित इनाम की पुष्टि की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार योगेश मलिक का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। उसके खिलाफ मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, गाजियाबाद और सहारनपुर सहित उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में हत्या, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, डकैती, रंगदारी, लूट और अन्य गंभीर धाराओं में 46 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और हाल के वर्षों में उसकी गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से फरार चल रहे इस गैंगस्टर की गिरफ्तारी अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता है। साथ ही संबंधित राज्यों की पुलिस को भी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना भेजी जा रही है ताकि उसके खिलाफ लंबित मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विक्रम राठौर, उपनिरीक्षक हरविंदर सिंह, हेड कांस्टेबल सिराज हुसैन, कांस्टेबल रमेश बंगयाल तथा पीआरडी जवान अनिल शामिल रहे।