सेवा सप्ताह के तहत अगस्त्यमुनि में आयोजित हुआ ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम
प्रदेश के समग्र विकास के लिए सेवा, सुशासन और समर्पण के साथ कार्य कर रही है सरकार : कैबिनेट मंत्री,
रुद्रप्रयाग। सेवा, सुशासन एवं समर्पण अभियान के अंतर्गत विकासखंड अगस्त्यमुनि स्थित क्रीड़ा भवन सभागार में बुधवार को ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी भी प्राप्त की।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, मत्स्य, पर्यटन, डेयरी विकास, सहकारिता, रीप, महिला एवं बाल विकास, उद्योग, पशुपालन, ग्रामीण विकास तथा समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए। विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी। अनेक पात्र लाभार्थियों का मौके पर ही पंजीकरण कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा गया।
इस अवसर पर विभिन्न महिला मंगल दलों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की। सूचना विभाग ने भी राज्य सरकार की उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए पुस्तिकाएं एवं प्रचार सामग्री वितरित की।
कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकार की योजनाओं से उन्हें स्वरोजगार, आजीविका, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा एवं आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सेवा, सुशासन और समर्पण की भावना के साथ प्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के तहत प्रदेशभर में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें एक ही स्थान पर सभी विभागों की योजनाओं की जानकारी एवं लाभ उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव गांव-गांव तक दिखाई दे रहा है। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने, किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में सरकार प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाएं उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी विकास का समान लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पात्र महिलाओं को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन किशन रावत ने किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, सीमांत अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट, बदरी-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, ब्लॉक प्रमुख भुवनेश्वरी देवी, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा, जिला कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट, खंड विकास अधिकारी सुरेश शाह, ग्राम्य विकास विभाग के लोकपाल डॉ. सी.पी. चमोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।