Mar 22, 2026

फूलदेई महोत्सव दस्तक परिवार का सराहनीय कार्य : ऐश्वर्या, फूलदेई महोत्सव व घोघा जातरा में 52 टीमों ने बिखेरे लोकसंस्कृति के रंग

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अगस्त्यमुनि/रुद्रप्रयाग। दस्तक परिवार अगस्त्यमुनि द्वारा आयोजित फूलदेई महोत्सव एवं घोघा जातरा का भव्य आयोजन उत्साह, उमंग और लोकसंस्कृति की शानदार छटा के बीच संपन्न हो गया। जनपद के विभिन्न गांवों से आई 52 टीमों ने प्रतिभाग कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। बच्चों और युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से चैत्र संक्रांति से शुरू होने वाले बालपर्व को जीवंत रूप दिया।

दस्तक परिवार द्वारा यह आयोजन वर्ष 2010 से प्रतिवर्ष कराया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदू नववर्ष चैत्र संक्रांति से शुरू होने वाले पारंपरिक बालपर्व को भव्य स्वरूप देना, नई पीढ़ी को लोकसंस्कृति से जोड़ना तथा महिला सशक्तिकरण और बाल विकास को बढ़ावा देना है। आयोजन को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग रुद्रप्रयाग, रिन्यू पावर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान और जिला प्रशासन का सहयोग प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर अतिथियों ने दस्तक परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फूलदेई और घोघा जातरा जैसे आयोजन हमारी लोक परंपराओं को जीवित रखने का सशक्त माध्यम हैं। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं और बालिकाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देते हैं तथा समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि लोकसंस्कृति के संरक्षण में समाज की भागीदारी बेहद जरूरी है और दस्तक परिवार इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह आयोजन संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम है। नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र गोस्वामी ने इसे अगस्त्यमुनि की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला प्रयास बताया। उप जिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी ने कहा कि बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष रूप से जीवंत बना दिया।

प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में गुरुकुल नेशनल स्कूल, अगस्त्यमुनि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कुष्मांडा घोघा टीम द्वितीय और अभिषेक घोघा टीम, जवाहर नगर तृतीय स्थान पर रही। वहीं सीनियर वर्ग में प्रेरणा घोघा टीम, कौशलपुर बसुकेदार ने प्रथम, राइका मणिपुर ने द्वितीय तथा गुरुकुल नेशनल स्कूल अगस्त्यमुनि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विशेष पुरस्कारों में अनिरुद्ध घोघा टीम और बीना सजवाण घोघा टीम, सौड़ी को सर्वश्रेष्ठ घोघा डोली पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा बेस्ट फुलारी भुली का सम्मान अक्षिता बर्तवाल को तथा बेस्ट फुलारी भुला का सम्मान अग्रिम को दिया गया।

कार्यक्रम में डायट रतूड़ा से ममता रावत, दीपक बुटोला, सूरज नेगी, खंड विकास अधिकारी सुरेश शाह, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह झिंक्वाण, व्यापार संघ अध्यक्ष त्रिभुवन नेगी, कार्तिक स्वामी मंदिर समिति के अध्यक्ष विक्रम नेगी, रुद्रप्रयाग प्रेस क्लब समिति अध्यक्ष कुलदीप राणा आज़ाद, सचिव भूपेंद्र भण्डारी, कोषाध्यक्ष प्रदीप सेमवाल, पत्रकार सतीश भट्ट, हिमांशु भट्ट, वीरांगना संगठन अध्यक्ष माधुरी नेगी, दस्तक पहाड़ के प्रधान संपादक हरीश गुसाईं, अनिकेत समाचार पत्र के संपादक अनसूया प्रसाद मलासी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। निर्णायक के रूप में डॉ अंजना फर्स्वाण, अश्विनी गौड़, संचालन कुसुम भट्ट और कालिका काण्डपाल ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में एन एस एस पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि प्रभारी डॉ विष्णु कुमार शर्मा, एनएसएस प्रभारी चिल्ड्रन ऐकेडमी हीरा सिंह नेगी, दस्तक पहाड़ परिवार से सुधीर बर्त्वाल, गजेंद्र रौतेला, ललिता रौतेला, अखिलेश गोस्वामी, विनीता रौतेला, प्रकाश बड़वाल, सुशील गोस्वामी, दीपक सेमवाल, हेमन्त फर्स्वाण, रजत थपलियाल, दमयन्ती भट्ट, दिनेश बेंजवाल, दीपक बेंजवाल आदि मौजूद रहे। छात्र कृष ने ढोल-दमाऊ की थाप पर जागर को दर्शको ने सराहा।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं और क्षेत्रवासियों का आभार जताया। पूरे आयोजन में लोकसंस्कृति, बाल उत्साह और सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला।