रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग की अध्यक्ष/जिला जज के मार्गदर्शन में नगर पंचायत गुप्तकाशी के दूरस्थ ग्राम नाला में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती पायल सिंह ने की।
शिविर में निराश्रित व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। सचिव श्रीमती पायल सिंह ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन यापन, सुरक्षित आश्रय एवं मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच का अधिकार है। उन्होंने बताया कि निराश्रित, बेघर एवं असहाय व्यक्तियों को शासन की विभिन्न सहायता योजनाओं एवं निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ प्राप्त करने का अधिकार है।
उन्होंने ग्रामीणों को वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत उन्हें अपने बच्चों अथवा उत्तरदायी परिजनों से भरण-पोषण प्राप्त करने का कानूनी अधिकार है। साथ ही उनकी सुरक्षा, सम्मान एवं संपत्ति संबंधी अधिकारों के संरक्षण के लिए भी विशेष कानूनी प्रावधान किए गए हैं।
महिलाओं के अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए सचिव ने घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा तथा महिलाओं को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या भेदभाव की स्थिति में महिलाएं विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क सहायता एवं परामर्श प्राप्त कर सकती हैं।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम के तहत मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता, अधिवक्ता की सुविधा एवं न्यायालय शुल्क में छूट की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने विधिक एवं सामाजिक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। शिविर में नगर पंचायत गुप्तकाशी के अध्यक्ष, ग्राम प्रधान, महिला मंगल दल की पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण महिलाएं, पुरुष एवं वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।