Jun 16, 2026

शिक्षक सत्येंद्र भंडारी की मेहनत लाई रंग, पीएस कोट तल्ला बना उत्तराखंड का नंबर-1 विद्यालय,

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राष्ट्रीय मेरिट सूची में शानदार प्रदर्शन, देशभर में 22वां स्थान हासिल कर बढ़ाया उत्तराखंड का मान,

रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के लिए गर्व का क्षण है कि विकासखंड अगस्त्यमुनि के अंतर्गत संचालित राजकीय प्राथमिक विद्यालय (पीएस) कोट तल्ला ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए जारी नेशनल लेवल सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट में विद्यालय ने 95.8 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश में पहला तथा राष्ट्रीय स्तर पर 22वां स्थान हासिल किया है।

विद्यालय की इस उपलब्धि के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के आधार पर ऑनलाइन मूल्यांकन किया गया। इसके बाद संकुल, ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर विद्यालय का परीक्षण और सत्यापन किया गया। अंतिम चरण में राष्ट्रीय स्तर की टीम द्वारा भौतिक निरीक्षण भी किया गया। सभी चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला, संकुल मरोड़ा, विकासखंड अगस्त्यमुनि ने यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की।

इस उपलब्धि के पीछे विद्यालय के शिक्षक सत्येंद्र भंडारी की अथक मेहनत, समर्पण और नवाचारी शिक्षण पद्धति को प्रमुख आधार माना जा रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित शैक्षणिक गतिविधियों, नवाचारों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी। उनकी प्रतिबद्धता और कार्यशैली का परिणाम आज राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय की पहचान के रूप में सामने आया है।

विद्यालय के राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर शिक्षा विभाग, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। स्थानीय लोगों ने शिक्षक सत्येंद्र भंडारी को बधाई देते हुए कहा कि उनका कार्य पूरे प्रदेश के शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत है। शिक्षक सत्येंद्र भंडारी ने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग तथा शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाने के लिए भविष्य में भी निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे रुद्रप्रयाग जनपद और उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। यह सफलता साबित करती है कि समर्पित शिक्षक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किसी भी विद्यालय को राष्ट्रीय पहचान दिला सकते हैं। डीएम विशाल मिश्रा ने भी शिक्षक की मेहनत पर खुशी जताई है।