May 14, 2026

बाबा केदार के दरबार में “आम और खास” का फर्क ? ₹2500 की पर्ची कटाओ और सीधे दर्शन पाओ

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घंटों लाइन में ठिठुर रहे आम श्रद्धालु, वीआईपी को मिनटों में मिल रहे बाबा के दर्शन,

रूद्रप्रयाग।

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में इन दिनों श्रद्धा के साथ-साथ व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। एक ओर हजारों आम श्रद्धालु बर्फ, बारिश और कड़ाके की ठंड के बीच घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर बाबा के दर्शन का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर “वीआईपी दर्शन” व्यवस्था आम यात्रियों की पीड़ा को और बढ़ाती दिखाई दे रही है।

धाम में मंदिर के वीआईपी गेट के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। हालत यह है कि सामान्य श्रद्धालुओं को तीन-तीन चरणों में लाइन से गुजरना पड़ रहा है, जबकि वीआईपी श्रेणी में आने वाले यात्रियों को बेहद कम समय में सीधे दर्शन कराए जा रहे हैं। इससे आम यात्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग, महिलाएं और दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को हो रही है। घंटों इंतजार, ठंडी हवाएं, बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों के बीच कई यात्री व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि “बाबा के दरबार में सब बराबर हैं, फिर दर्शन में यह भेदभाव क्यों?”

यात्रा शुरू होने से पहले बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से जुड़े अधिकारियों ने दावा किया था कि इस बार केवल विशेष प्रोटोकॉल वाले लोगों को ही सीमित वीआईपी दर्शन की अनुमति दी जाएगी। लेकिन यात्रा आगे बढ़ने के साथ ही ये दावे जमीन पर कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं।

धाम में चर्चा का विषय बनी “₹2500 वाली पर्ची” अब श्रद्धालुओं के बीच सवालों का कारण बन रही है। यात्रियों का आरोप है कि शुल्क देकर जल्दी दर्शन की व्यवस्था खुलेआम जारी है। इससे यह संदेश जा रहा है कि “पैसा दो और सीधे बाबा के दर्शन करो”, जबकि सामान्य श्रद्धालु घंटों लाइन में संघर्ष करता रहे।

बीते दिनों केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों और यात्रियों ने भी वीआईपी दर्शन व्यवस्था के विरोध में आवाज उठाई थी। धाम में विरोध और नाराजगी के स्वर तेज हुए थे, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा है।

अब सवाल यही उठ रहा है कि आखिर देवभूमि के सबसे बड़े आस्था केंद्रों में से एक बाबा केदार के दरबार में “आम और खास” का यह फर्क कब खत्म होगा? क्या श्रद्धा भी अब श्रेणियों में बंट चुकी है, या फिर व्यवस्था पर दोबारा गंभीरता से विचार करने की जरूरत है?

दिल्ली से आई महिला यात्री अनीता खोसला ने बताया कि वीआईपी दर्शन का 2500 लिया जा रहा है। मंदिर समिति और कुछ लोग मिलकर खेल कर रहे हैं। प्रशासन को मामले में कार्यवाही करनी चाहिए।