Jun 24, 2026

सीएचसी अगस्त्यमुनि में शुरू हुआ "गुबारा" क्लीनिक, टाइप-1 मधुमेह रोगियों को मिलेगा निःशुल्क उपचार,

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रुद्रप्रयाग। जन्मजात अथवा बचपन से टाइप-1 मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित बच्चों और युवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अगस्त्यमुनि में "गुबारा" क्लीनिक की शुरुआत कर दी है। इस क्लीनिक के माध्यम से मरीजों को निःशुल्क उपचार, नियमित निगरानी और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश के निर्देशन में बुधवार को सीएचसी अगस्त्यमुनि में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अक्षित ममगाईं ने गुबारा क्लीनिक का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि यह क्लीनिक विशेष रूप से टाइप-1 मधुमेह से ग्रसित बच्चों एवं युवाओं के उपचार, देखभाल और निरंतर मॉनिटरिंग के लिए स्थापित किया गया है।

डॉ. ममगाईं ने कहा कि क्लीनिक के माध्यम से मरीजों को नियमित इंसुलिन मॉनिटरिंग, समय पर इंसुलिन की उपलब्धता, स्वास्थ्य परामर्श तथा गैर-संचारी रोग एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आवश्यक जांच सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। साथ ही मरीजों को मधुमेह मॉनिटरिंग किट भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने स्वास्थ्य की नियमित निगरानी कर सकें।

उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में नवंबर 2025 में गुबारा क्लीनिक की स्थापना की गई थी। इसके बाद विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों में जांच के दौरान चिन्हित टाइप-1 मधुमेह रोगियों को जिला चिकित्सालय स्थित कक्ष संख्या-04 में संचालित गुबारा क्लीनिक में पंजीकरण के लिए रेफर किया जाता था। अब अगस्त्यमुनि में भी यह सुविधा शुरू होने से क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।

इस अवसर पर डब्ल्यू.जे. क्लिंटन फाउंडेशन के शोएब जहीदी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमा असवाल, डॉ. प्रियांशु, सीपीएचसी समन्वयक विजय रावत, बीएलए बलवंत बजवाल, आशुतोष बर्तवाल, राहुल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य विभाग की यह पहल टाइप-1 मधुमेह से जूझ रहे बच्चों और युवाओं के लिए राहतभरी साबित होगी तथा उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर उपचार और परामर्श की सुविधा उपलब्ध करा सकेगी।