May 25, 2026

वनाग्नि पर वन विभाग का ‘वार रूम’ एक्टिव, रुद्रप्रयाग में हाई अलर्ट पर पूरा तंत्र,

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नोडल अधिकारी डॉ. विनय भार्गव ने कंट्रोल रूम से लेकर जंगलों तक परखी तैयारियां, ड्रोन और मोबाइल मॉनिटरिंग से रखी जा रही हर चिंगारी पर नजर,

रूद्रप्रयाग। पहाड़ों में बढ़ती गर्मी के साथ वनाग्नि के खतरे को देखते हुए रुद्रप्रयाग वन विभाग पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में आ गया है। जंगलों को आग की घटनाओं से सुरक्षित रखने तथा किसी भी आपदा से त्वरित तरीके से निपटने के लिए विभाग ने अपनी निगरानी और रिस्पॉन्स व्यवस्था को और अधिक सशक्त कर दिया है। इसी क्रम में जनपद हेतु नामित वनाग्नि नोडल अधिकारी एवं वन संरक्षक डॉ. विनय भार्गव ने रुद्रप्रयाग वन प्रभाग का स्थलीय निरीक्षण कर वनाग्नि रोकथाम संबंधी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान डॉ. भार्गव ने जखनी क्रू स्टेशन एवं अगस्त्यमुनि स्थित मॉडल क्रू स्टेशन पहुंचकर मौके पर तैनात वन कर्मियों की कार्यप्रणाली, संसाधनों की उपलब्धता और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का जायजा लिया। उन्होंने मास्टर कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से वन क्षेत्रों की निगरानी व्यवस्था को परखा तथा मोबाइल ऐप आधारित ट्रैकिंग सिस्टम से सक्रिय वनाग्नि स्थलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग का अवलोकन किया।

वन संरक्षक ने परिचालन सुरक्षा, फायर फाइटिंग उपकरणों की उपलब्धता, संसाधनों के त्वरित मोबिलाइजेशन, फील्ड स्टाफ की दक्षता एवं वनाग्नि सीजन से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेखों की विस्तार से समीक्षा की। साथ ही मौके पर संचालित फील्ड ऑपरेशनों का विश्लेषण करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि किसी भी वनाग्नि घटना पर न्यूनतम समय में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में वनाग्नि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान, ड्रोन सर्वेक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने, आग की शीघ्र पहचान के लिए लीड टाइम कम करने तथा प्रवर्तन एवं रिस्पॉन्स तंत्र को तकनीकी रूप से मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। डॉ. भार्गव ने कहा कि आधुनिक तकनीक, सतत निगरानी और प्रशिक्षित मानव संसाधन के समन्वय से ही वनाग्नि जैसी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि वन केवल प्राकृतिक संपदा नहीं बल्कि पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता और जल स्रोतों के आधार हैं। ऐसे में वनाग्नि की रोकथाम विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए हर स्तर पर चौकसी बढ़ा दी गई है।

निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी राजत सुमन, उप प्रभागीय वनाधिकारी, क्षेत्राधिकारी सहित बड़ी संख्या में वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।