May 25, 2026

सीकेएस फाउंडेशन ने जीआईसी भणज के 46 छात्रों को बांटे प्रशिक्षण प्रमाण पत्र

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छात्र बोले – निःशुल्क कंप्यूटर शिक्षा बदल रही हमारा भविष्य, पहाड़ के युवाओं को मिल रही नई उड़ान, 

इनपुट : लक्ष्मण सिंह नेगी 

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग।

पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा की अलख जगा रहे सीकेएस फाउंडेशन ने एक और सराहनीय पहल करते हुए क्यूंजा घाटी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज भणज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए। सीकेएस फाउंडेशन एवं टाटा ए.आई.ए. के सहयोग से संचालित इस अभियान के तहत अब तक कुल 46 छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। कार्यक्रम में इस चरण के अंतर्गत आयुष, अंजलि, मोक्ष, रिया सहित 16 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य पी.एल. आर्य, फाउंडेशन की ट्रस्टी पूनम शर्मा, डायरेक्टर प्रिया शर्मा, फाउंडेशन के प्रेसिडेंट चंद्र कुमार शर्मा, शिक्षक महिपाल रावत, बीना किमोठी, प्रदीप नेगी एवं दीपक सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

विद्यालय में कंप्यूटर प्रशिक्षण दे रहे प्रशिक्षक प्रदीप नेगी और दीपक सिंह की छात्र-छात्राओं ने जमकर सराहना की। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें बेसिक कंप्यूटर, एमएस एक्सेल सहित कई महत्वपूर्ण डिजिटल विषय बेहद सरल और व्यावहारिक तरीके से सिखाए जा रहे हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

छात्रा अनिशा ने कहा कि उसने छह माह का निःशुल्क कंप्यूटर कोर्स पूरा किया है, जो उसके भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। उसने कहा कि पहाड़ के गरीब और ग्रामीण छात्रों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। वहीं छात्र मोक्ष शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षक प्रदीप और दीपक उन्हें कंप्यूटर की बारीकियां बेहद आसान तरीके से समझाते हैं, जिससे सीखना रोचक और प्रभावी बन गया है।

सीकेएस फाउंडेशन के प्रेसिडेंट चंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि आज के दौर में कंप्यूटर शिक्षा हर छात्र के लिए बेहद जरूरी हो चुकी है, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं के लिए। फाउंडेशन का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा देकर उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे भविष्य में रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि फाउंडेशन केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रहा है। यह पहल न केवल पहाड़ के युवाओं को नई दिशा दे रही है, बल्कि प्रधानमंत्री के “डिजिटल भारत” के सपने को भी जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान कर रही है।