May 25, 2026

तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में उमड़ा आस्था का महासैलाब, 34 दिनों में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा तुंगनाथ के दर्शन

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चोपता से चन्द्रशिला तक भक्तिमय माहौल, पर्यटन कारोबार को मिली नई रफ्तार

रिपोर्ट  : लक्ष्मण सिंह नेगी 

ऊखीमठ/रूद्रप्रयाग। हिमालय की मनमोहक वादियों में समुद्र तल से लगभग 12 हजार फीट की ऊंचाई पर विराजमान विश्व के सर्वाधिक ऊंचाई वाले शिव मंदिर तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में इन दिनों श्रद्धा और आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा है। कपाट खुलने के बाद मात्र 34 दिनों के भीतर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा बाबा तुंगनाथ के दर्शन किए जाने से सम्पूर्ण तुंगनाथ घाटी भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठी है।

धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से चोपता, दुगलबिट्टा, भुजगली समेत यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर भी रौनक लौट आयी है। होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, कैंपिंग साइट्स और स्थानीय बाजारों में चहल-पहल बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है।

देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन चोपता पहुंचकर लगभग साढ़े तीन किलोमीटर की कठिन लेकिन मनोरम पैदल यात्रा तय कर बाबा तुंगनाथ के दरबार में पहुंच रहे हैं। यात्रा मार्ग पर “हर-हर महादेव” और “जय बाबा तुंगनाथ” के जयकारों से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा है। श्रद्धालु धाम पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक एवं धार्मिक अनुष्ठान कर परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना कर रहे हैं।

वहीं प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए भी तुंगनाथ-चन्द्रशिला ट्रैक आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हिमालय की बर्फाच्छादित चोटियों, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य का दीदार करने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।

यात्रा सीजन ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी है। घोड़ा-खच्चर संचालन, जीप टैक्सी सेवा, होटल व्यवसाय और स्थानीय उत्पादों की बिक्री से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस बार यात्रा सीजन से बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है।

श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन, मंदिर समिति और विभिन्न विभाग यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटे हुए हैं। यात्रा मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है। पुलिस प्रशासन, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग, जीप टैक्सी यूनियन, व्यापार संघ चोपता तथा स्वयंसेवी संगठन संयुक्त रूप से यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता भूपेन्द्र मैठाणी ने सरकार से तुंगनाथ यात्रा मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग करते हुए कहा कि हर वर्ष बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए पार्किंग, शौचालय, पेयजल और कूड़ा निस्तारण की स्थायी एवं आधुनिक व्यवस्था समय की आवश्यकता बन चुकी है।

तुंगनाथ धाम के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि आस्था, अध्यात्म और प्राकृतिक सौंदर्य के अद्भुत संगम के रूप में विख्यात तुंगनाथ धाम में इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा तुंगनाथ की कृपा से सम्पूर्ण घाटी इन दिनों भक्ति और उत्साह के दिव्य वातावरण में डूबी हुई है।