रोगी सुरक्षा और सर्पदंश से बचाव को लेकर किया जागरूक

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आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आयोजित हुई जागरूकता गोष्ठियां, सर्पदंश की स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचने की दी सलाह,

 

रुद्रप्रयाग। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में जनपद के आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्षेत्रों में विश्व रोगी सुरक्षा दिवस एवं सर्पदंश जागरूकता दिवस के तहत जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, रोगी सुरक्षा तथा सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई।

 

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रमों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि उपचार के दौरान रोगी एवं उसके परिजनों की जागरूकता भी रोगी सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चिकित्सक की सलाह का पालन करने, निर्धारित दवाओं का सही तरीके से सेवन करने तथा दवा या उपचार से किसी प्रकार की समस्या अथवा प्रतिकूल प्रभाव होने पर तत्काल स्वास्थ्यकर्मियों को इसकी जानकारी देने की अपील की गई।

 

सर्पदंश से बचाव को लेकर बताया गया कि प्रत्येक वर्ष 19 सितंबर को सर्पदंश से होने वाली मौतों और गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सर्पदंश जागरूकता दिवस मनाया जाता है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने तथा घरों के आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की।

 

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि सर्पदंश होने पर घबराने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए। सर्पदंश वाले स्थान पर चीरा लगाना, जहर चूसने का प्रयास करना, कसकर कपड़ा या रस्सी बांधना अथवा झाड़-फूंक और अन्य घरेलू उपचार में समय गंवाना नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने लोगों से ऐसी स्थिति में बिना देरी किए चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की।