रूद्रप्रयाग।
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, राहत एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और केदारनाथ धाम सहित संपूर्ण पैदल यात्रा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने यात्रा मार्ग पर संचालित सुरक्षा व्यवस्थाओं, भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन रिस्पॉन्स सिस्टम, मेडिकल सहायता, राहत कार्यों एवं संवेदनशील स्थलों का गहन निरीक्षण कर मौके पर तैनात अधिकारियों एवं जवानों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान सेनानायक एसडीआरएफ ने विभिन्न स्टेक होल्डर्स, पुलिस, प्रशासन एवं राहत एजेंसियों के अधिकारियों-कर्मचारियों से संवाद कर यात्रा के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर तत्काल दिशा-निर्देश जारी करते हुए व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने तथा समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
उन्होंने एटीएस टीम के साथ भी बैठक कर किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं समन्वित रिस्पॉन्स को लेकर विस्तृत चर्चा की। साथ ही सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल एवं समन्वय के साथ कार्य करने पर विशेष बल दिया। सेनानायक एसडीआरएफ ने केदारनाथ धाम में स्थापित एसडीआरएफ पोस्टों का निरीक्षण कर ड्यूटी में तैनात जवानों से मुलाकात की तथा उनके रहने, भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। कठिन परिस्थितियों में लगातार सेवाएं दे रहे जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्होंने उनकी कार्यकुशलता एवं समर्पण की सराहना की। उत्कृष्ट कार्य करने वाले एसडीआरएफ कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र एवं नगद पारितोषिक देकर सम्मानित भी किया गया।
धाम परिसर स्थित अस्पताल पहुंचकर उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से मुलाकात की तथा यात्रा अवधि के दौरान एसडीआरएफ की ओर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके उपरांत सेनानायक एसडीआरएफ पैदल मार्ग से होते हुए लिनचोली पहुंचे, जहां उन्होंने एसडीआरएफ टीम एवं मेडिकल फर्स्ट रेस्पॉन्डर पोस्ट पर तैनात पैरामेडिक्स से वार्ता कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसी दौरान पोस्ट पर मौजूद एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु को अचानक सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई तथा उनका मनोबल बढ़ाया गया।
यात्रा मार्ग में सेनानायक एसडीआरएफ ने श्रद्धालुओं से भी संवाद कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित यात्रा हेतु आवश्यक जानकारी देते हुए उनका मनोबल बढ़ाया।
सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, त्वरित राहत एवं बेहतर समन्वय एसडीआरएफ की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने को लेकर एसडीआरएफ पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।