May 22, 2026

12 साल बाद भी अधूरा चिरबटिया कृषि महाविद्यालय का भवन, खंडहर में तब्दील हुई करोड़ो की इमारत

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करोड़ों की लागत के बाद भी रानीचैरी में पढ़ने को मजबूर छात्र, 
बदहाली देख भड़के युवा नेता मोहित डिमरी,

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले की सीमा पर स्थित चिरबटिया कृषि महाविद्यालय शासन-प्रशासन की गंभीर लापरवाही का शिकार बना हुआ है। स्थापना के 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी महाविद्यालय का भवन निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। देखरेख के अभाव और घटिया निर्माण के कारण करोड़ों की लागत से खड़ी की गई इमारतें अब खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। अपनी खुद की छत न होने के कारण वर्तमान में कृषि महाविद्यालय के छात्रों की कक्षाएं टिहरी के रानीचैरी परिसर में संचालित की जा रही हैं।
इस बीच, रुद्रप्रयाग विधानसभा से पूर्व विधायक प्रत्याशी और युवा नेता मोहित डिमरी ने चिरबटिया पहुंचकर निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे सरकारी धन की बर्बादी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।
 

2013 में स्वीकृत हुआ था प्रोजेक्ट, खिंचे सिर्फ ढांचे’
रुद्रप्रयाग। वर्ष 2013 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने चिरबटिया में कृषि महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी थी। इसके लिए उद्यान विभाग की लगभग 8.3 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई और कुल 25 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था। पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई और उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यदायी संस्था ने यहां टाइप-2 व टाइप-3 आवासों सहित मुख्य भवन का ढांचा तो खड़ा किया, लेकिन घटिया निर्माण के कारण आज यह पूरा परिसर जर्जर और लावारिस हाल में पड़ा है।
 

रानीचैरी में चल रही हैं कक्षाएं, पहाड़ के शोध को लगा झटका’
रुद्रप्रयाग। महाविद्यालय में छात्रों को पर्वतीय क्षेत्रों के अनुकूल कृषि अनुसंधान के साथ-साथ कृषि विज्ञान, बागवानी, मृदा विज्ञान और कीट विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों की शिक्षा मिलनी थी। मगर बुनियादी ढांचा न होने से छात्र टिहरी के रानीचैरी परिसर में पढ़ने को मजबूर हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर कृषि विकास के दावों की हवा निकल रही है।
 

टुकड़ों में बजट जारी होने पर उठे सवाल 
रुद्रप्रयाग। मौके पर पहुंचे युवा नेता मोहित डिमरी ने नए निर्माण कार्यों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद अब यहां 7.26 करोड़ की लागत से केवल छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। डिमरी ने पूछा बिना प्रशासनिक भवन, हाई-टेक लैब, एकेडमिक ब्लॉक और शिक्षकों के आवास के, अकेले हॉस्टल बनाकर कक्षाएं कैसे संचालित होंगी? टुकड़ों में बजट जारी करना कहीं सरकारी धन के दुरुपयोग की साजिश तो नहीं? उन्होंने मांग की कि सभी निर्माण कार्य एक साथ शुरू किए जाएं और पुराने घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार कार्यदायी संस्था पर सख्त कार्रवाई हो।