May 15, 2026

20 मई को देशभर में केमिस्टों की हड़ताल, ई-फार्मेसी के खिलाफ खुला मोर्चा

post-img

रुद्रप्रयाग। अवैध ई-फार्मेसी की अनियंत्रित कार्यप्रणाली और कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट के विरोध में देशभर के 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट एवं दवा वितरक 20 मई 2026, बुधवार को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद पर रहेंगे। यह घोषणा “ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स” (AIOCD) द्वारा की गई है।

 

डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन रुद्रप्रयाग ने बताया कि संगठन ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर दवा व्यापार से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि सरकार की लगातार अनदेखी के कारण देशभर के दवा विक्रेताओं में भारी आक्रोश है।

 

एसोसिएशन के अनुसार, अवैध ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त सत्यापन के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं, जिससे एक ही प्रिस्क्रिप्शन का कई बार उपयोग हो रहा है। साथ ही, एआई आधारित फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के जरिए एंटीबायोटिक्स और नशीली दवाओं की आसान उपलब्धता ‘एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस’ (AMR) जैसे गंभीर खतरे को बढ़ावा दे रही है। संगठन ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बताया है।

 

संगठन ने बड़े कॉरपोरेट घरानों पर ‘डीप डिस्काउंट’ के जरिए बाजार का संतुलन बिगाड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आवश्यक दवाओं का मार्जिन सरकार द्वारा तय होने के बावजूद ऑनलाइन और कॉरपोरेट प्लेटफॉर्म अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के छोटे केमिस्टों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

 

एआईओसीडी ने कोविड-19 काल में जारी अस्थायी अधिसूचना G.S.R. 220(E) को तत्काल निरस्त करने तथा ई-फार्मेसी से संबंधित अधिसूचना G.S.R. 817(E) को वापस लेने की मांग की है। साथ ही, कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही अनुचित छूट पर रोक लगाने के लिए ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ नीति लागू करने की मांग भी उठाई गई है।

 

एआईओसीडी के अध्यक्ष जे. एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने संयुक्त बयान में कहा कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 20 मई तक सरकार ने ठोस निर्णय नहीं लिया, तो संगठन अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए मजबूर होगा।