Jun 15, 2026

संरक्षित वन और सुरक्षित वन्यजीवों की मांग को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन,

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रुद्रप्रयाग। वनाग्नि की घटनाओं तथा वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर माध्यमिक वर्ग बालिका एवं महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के संस्थापक देवेन्द्र गौड़ ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने वनों को आग से बचाने तथा वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और आधुनिक उपाय अपनाने की मांग की।

देवेन्द्र गौड़ ने कहा कि जिले के जंगल हर वर्ष वनाग्नि की चपेट में आ रहे हैं, जिससे बहुमूल्य जड़ी-बूटियां नष्ट हो रही हैं और अनेक वनस्पतियां विलुप्ति के कगार पर पहुंच रही हैं। इसके साथ ही शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक भोजन की कमी के कारण बाघ, तेंदुआ, भालू समेत अन्य हिंसक वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।

ज्ञापन में उन्होंने सुझाव दिया कि वन पंचायतों, वन सरपंचों एवं ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाए। वन क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे, जीपीएस आधारित मोबाइल सिस्टम तथा सैटेलाइट सेंसर जैसी व्यवस्थाएं लागू कर आग लगाने वाले तत्वों की पहचान और धरपकड़ सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मी प्रसाद डिमरी ने कहा कि वनाग्नि से वनस्पतियों और वन्यजीवों की प्रजातियां तेजी से प्रभावित हो रही हैं, जो पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग लगने से ग्रामीण काश्तकारों की आजीविका भी प्रभावित होती है। वहीं, जंगली जानवरों के प्राकृतिक आवास और भोजन स्रोत नष्ट होने के कारण उनके आबादी वाले क्षेत्रों में आने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे किसानों, यात्रियों और ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि ज्ञापन में दिए गए सुझावों पर गंभीरता से अमल किया जाए तो न केवल वनों और वन्यजीवों का संरक्षण संभव होगा, बल्कि आम जनता का जीवन और संपत्ति भी सुरक्षित रह सकेगी। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से वन संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के लिए ठोस एवं दीर्घकालिक रणनीति बनाने की मांग की गई है।