एसबीआई आरसेटी में 14 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की पहल,
रुद्रप्रयाग। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (एसबीआई आरसेटी), रुद्रप्रयाग में 14 दिवसीय जूट उत्पाद निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण में जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं एवं युवतियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्घाटन लीड बैंक अधिकारी अनूप सिंह असवाल एवं आरसेटी निदेशक अरुण कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर लीड बैंक अधिकारी अनूप सिंह असवाल ने कहा कि कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को रोजगारपरक हुनर सीखने के साथ ही अपना स्वरोजगार स्थापित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने महिलाओं से प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
आरसेटी निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि संस्थान की ओर से 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के युवक-युवतियों एवं महिलाओं को विभिन्न व्यावसायिक विधाओं में नियमित रूप से निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को हुनरमंद बनाकर स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रशिक्षणार्थियों के लिए रहने, भोजन और प्रशिक्षण सामग्री सहित सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
आरसेटी प्रशिक्षक भूपेंद्र रावत ने प्रतिभागियों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, बाजार की मांग, ग्राहकों की जरूरतों और उत्पादों की बिक्री से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वरोजगार आर्थिक आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम है।
प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए हुनर को व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़कर महिलाएं अपनी आजीविका मजबूत कर सकती हैं।
संस्थान की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं को कौशलयुक्त बनाकर स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए सक्षम बनाना है, ताकि वे अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के साथ ही अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकें।

