रुद्रप्रयाग की बेटियों ने प्रदेशभर में लहराया परचम, खेल प्रतिभा और मेहनत के दम पर जिले को दिलाई बड़ी उपलब्धि,
रुद्रप्रयाग। खेल के मैदान में रुद्रप्रयाग की बेटियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दमदार प्रदर्शन का लोहा मनवाते हुए जिले का मान पूरे प्रदेश में बढ़ाया है। ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर स्थित मनोज सरकार स्टेडियम में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित तीन दिवसीय स्कूल राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में अगस्त्यमुनि छात्रावास की बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 15 पदक अपने नाम किए। इनमें 9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। बालिकाओं की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से खेल जगत में रुद्रप्रयाग का नाम रोशन हुआ है।
प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने अलग-अलग एथलेटिक्स स्पर्धाओं में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अगस्त्यमुनि छात्रावास की बालिकाओं ने बेहतरीन खेल कौशल, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर एक के बाद एक पदक हासिल किए। प्रतियोगिता में 9 स्वर्ण पदक जीतना उनकी प्रतिभा और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। वहीं 4 रजत और 2 कांस्य पदकों के साथ छात्रावास की खिलाड़ियों ने अपनी सफलता को और भी खास बना दिया।
बालिकाओं की इस शानदार सफलता के पीछे उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन, नियमित अभ्यास और बेहतर प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एथलेटिक्स प्रशिक्षक एवं प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी मनोज सिंह चौहान के मार्गदर्शन और अथक प्रयासों से खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के लिए कड़ी तैयारी की। उन्होंने बालिकाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देने के साथ ही शारीरिक क्षमता, खेल कौशल और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया। प्रशिक्षण के दौरान किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदकों की शानदार उपलब्धि के रूप में सामने आया।
प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी मनोज सिंह चौहान ने बालिकाओं की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, लगन और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगस्त्यमुनि छात्रावास की बालिकाएं भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखेंगी और आगामी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश और जनपद का गौरव बढ़ाएंगी।
इस उपलब्धि से अगस्त्यमुनि छात्रावास सहित खेल विभाग, विद्यालय परिवार और खिलाड़ियों के अभिभावकों में खुशी की लहर है। सभी ने बालिकाओं की उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की।
अगस्त्यमुनि की इन बेटियों ने साबित कर दिया कि पहाड़ की प्रतिभा किसी से कम नहीं है। उचित मार्गदर्शन, बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ग्रामीण अंचलों की बेटियां भी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।

