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रुद्रप्रयाग में प्रशासन का औचक निरीक्षण अभियान तेज, कई जगह मिलीं खामियां,

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सार्वजनिक शौचालयों से अस्पतालों और बाजार तक व्यवस्थाओं की जांच, 12 वाहनों के चालान, मदिरा दुकान संचालक को तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश, दुकानदारों को चेतावनी नोटिस,

 

रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशों पर जनपद में सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति सुधारने, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन कराने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए विभिन्न विभागों ने व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया। 16 अक्टूबर को अधिकारियों ने सार्वजनिक शौचालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, मदिरा की दुकान, बाजार और वाहनों की जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों और प्रतिष्ठान संचालकों को सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालान और चेतावनी नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई।

 

मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने रुद्रप्रयाग-तिलवाड़ा मार्ग स्थित नगर पालिका के सार्वजनिक शौचालय तथा ग्राम पंचायत भैंसगांव में संचालित सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण किया। नगर पालिका के शौचालय में सफाई व्यवस्था संतोषजनक मिली, जबकि भैंसगांव के सामुदायिक शौचालय में गंदगी पाई गई और मौके पर कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं था। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी ने भी नगर क्षेत्र के सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया। संगम बाजार स्थित शौचालय में सफाई की कमी और मच्छरों की समस्या सामने आने पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

 

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पारुल गोयल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि का निरीक्षण कर वार्डों, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई और रात्रिकालीन व्यवस्थाओं की जांच की। इस दौरान सामान्य वार्ड में आठ मरीज भर्ती मिले, जबकि महिला वार्ड में एक प्रसव का मामला था। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से बातचीत कर उपचार, दवाइयों की उपलब्धता, स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार और अस्पताल की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। उन्होंने मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

 

अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग का निरीक्षण कर स्वच्छता, चिकित्सा सेवाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अस्पताल में सफाई व्यवस्था बनाए रखने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

सड़क सुरक्षा और मोटर वाहन अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में रात्रिकालीन वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान फिटनेस प्रमाणपत्र, वाहन कर, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, चालक लाइसेंस, पहाड़ी मार्ग पर वाहन संचालन संबंधी अनुमोदन, रिफ्लेक्टर, ग्रीन कार्ड, ट्रिप कार्ड और हेलमेट सहित आवश्यक दस्तावेजों एवं सुरक्षा मानकों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन मिलने पर 12 वाहनों के चालान किए गए। विभाग ने वाहन चालकों से दस्तावेज पूरे रखने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।

 

आबकारी विभाग की टीम ने तिलवाड़ा स्थित विदेशी मदिरा की दुकान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉक पंजिका, वास्तविक भंडार, अनुज्ञापन, बिक्री मशीन, सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र, साफ-सफाई, दुकान खुलने-बंद होने के समय और मूल्य सूची की जांच की गई। रेट लिस्ट में कुछ ब्रांडों के मूल्य दर्ज नहीं पाए गए। इस पर संबंधित विक्रेता और अनुज्ञापी को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा मदिरा एवं बीयर की बिक्री निर्धारित मूल्य पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला आबकारी अधिकारी रमेश बंगवाल ने बताया कि नियमों का पालन कराने के लिए निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।

 

जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली और सहायक आयुक्त एवं अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा मनोज कुमार सेमवाल के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने रुद्रप्रयाग बाजार में होटल, रेस्तरां, ढाबों, फल-सब्जी विक्रेताओं और परचून की दुकानों का निरीक्षण किया। टीम ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई, मूल्य सूची, निर्धारित दरों से अधिक वसूली और घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग की जांच की।

निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानों पर मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं मिली, जबकि कुछ स्थानों पर खराब सब्जियां बेचे जाने की शिकायत के अनुरूप कमियां पाई गईं। संबंधित दुकानदारों को चेतावनी नोटिस जारी कर मूल्य सूची प्रदर्शित करने, खराब एवं गुणवत्ताविहीन खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। भविष्य में अनियमितताएं मिलने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की

चेतावनी भी दी गई।