पशु क्रूरता पर एफआईआर और नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, निर्धारित भार क्षमता के अनुरूप ही ढो सकेंगे यात्री,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा के पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन में पशु कल्याण के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों और पीपल फॉर एनिमल्स की ट्रस्टी गौरी मौलेखी के साथ समीक्षा बैठक कर पशुओं के स्वास्थ्य, चिकित्सा जांच, भार वहन क्षमता और पशु क्रूरता की रोकथाम को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि केदारनाथ यात्रा के दौरान पशु क्रूरता के मामलों पर प्रशासन गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है। ऐसे मामले सामने आने पर एफआईआर दर्ज कराते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घोड़े-खच्चरों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाए और बीमार अथवा अस्वस्थ पशुओं को यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति न दी जाए।
उन्होंने पशुओं के लिए गर्म पानी सहित आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि घोड़े-खच्चरों से निर्धारित मानकों के अनुरूप उनकी भार वहन क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को ले जाया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं को यात्रा संबंधी दिशा-निर्देशों और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की जानकारी ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा पर आने से पहले ही श्रद्धालुओं को आवश्यक सावधानियों और नियमों की जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने के साथ ही होटल, गेस्ट हाउस, जीएमवीएन परिसरों, पार्किंग स्थलों तथा होर्डिंग और साइनेज के जरिए पशु कल्याण एवं स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
बैठक में गौरी मौलेखी ने घोड़े-खच्चरों के संचालन और पशु कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा की नियमित निगरानी की जा रही है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष रावत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत वीरेंद्र गुसाईं, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

