सामूहिक अवकाश लेकर परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास तक निकालेंगे महारैली, प्राथमिक शिक्षक संघ ने शत-प्रतिशत भागीदारी का किया आह्वान,
रुद्रप्रयाग। आरटीई अधिनियम-2009 लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से छूट देने और एक अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के प्रारंभिक शिक्षक 24 अक्टूबर को देहरादून में महारैली निकालेंगे।
उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर एसोसिएशन (उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ) के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित इस महारैली में रुद्रप्रयाग जनपद के शिक्षक भी सामूहिक अवकाश लेकर प्रतिभाग करेंगे। शिक्षक परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे।
महारैली को सफल बनाने और जनपद के सभी प्रारंभिक शिक्षकों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद रुद्रप्रयाग की ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में नौ अक्टूबर 2026 को देहरादून के रेसकोर्स स्थित प्राथमिक शिक्षक संघ भवन में संपन्न प्रांतीय बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी जनपदीय एवं क्षेत्रीय शाखाओं के पदाधिकारियों को दी गई। जनपदीय संयुक्त समिति ने प्रांतीय नेतृत्व के निर्णयों का स्वागत करते हुए महारैली को पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया।
शिक्षक संघ की प्रमुख मांग है कि आरटीई अधिनियम-2009 लागू होने से पूर्व तत्कालीन सेवा नियमों और सरकारी नीतियों के तहत नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। संघ का कहना है कि लंबे समय तक सेवा देने वाले शिक्षकों के लिए सेवा में बने रहने और पदोन्नति के मामलों में टीईटी की अनिवार्यता उचित नहीं है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि टीईटी को नियुक्ति की पात्रता से जोड़ने के उद्देश्य और पहले से सेवारत शिक्षकों पर इसकी अनिवार्यता लागू करने के बीच अंतर को ध्यान में रखते हुए सरकार को राहत देनी चाहिए।
शिक्षकों एवं कर्मचारियों की दूसरी प्रमुख मांग एक अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करना है। संघ का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।
बैठक में शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अतिरिक्त कराए जा रहे विभिन्न कार्यों और ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर भी नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि कक्षा शिक्षण के साथ अनेक ऑनलाइन ऐप के माध्यम से पाठ्यक्रम पूरा करने और ऑनलाइन कोर्स करने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐप डाउनलोड करने या ऑनलाइन कोर्स पूरा करने में देरी होने पर वेतन रोकने जैसे निर्देश जारी होने से शिक्षकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है, जिसका असर शिक्षण कार्य पर पड़ रहा है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि इस व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो शिक्षक अतिरिक्त गैर-शैक्षणिक कार्यों के बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार की ओर से गंभीरता से कार्रवाई नहीं होने के कारण शिक्षकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। जनपद रुद्रप्रयाग के प्राथमिक शिक्षक संघ ने 24 अक्टूबर की महारैली को सफल बनाने के लिए सभी सदस्य शिक्षकों से सामूहिक अवकाश लेकर देहरादून पहुंचने और आंदोलन में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह झिंक्वाण ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री दिनेश चंद्र भट्ट ने किया। बैठक में कोषाध्यक्ष रघुबीर बुटोला, ललित काला, विपिन त्रिपाठी, जाकिर हुसैन, त्रिलोक रावत, हरीश गिरी, शाखा अध्यक्ष अनूप नेगी, विजयराम गोस्वामी, चारू चंद्र खंडूरी, कैलाश मैठाणी, अरविंद सकलानी, शाखा मंत्री शिव प्रसाद पुजारी, अनवर सिद्दीकी, लक्ष्मी नेगी, राजेंद्र शाह, मानवेन्द्र गहरवार, अवतार सिंह राजपूत, नीलम बिष्ट सहित अन्य पदाधिकारी ऑनलाइन बैठक से जुड़े रहे।
जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह झिंक्वाण और जिला मंत्री दिनेश चंद्र भट्ट ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जनपद रुद्रप्रयाग के प्रारंभिक शिक्षक महारैली में शामिल होकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाएंगे।

