प्रोजेक्ट स्नेह के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित,
शिक्षा, स्वास्थ्य, कानूनी अधिकार और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी,
रिपोर्ट : लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। राजकीय इंटर कॉलेज लामगौंडी में प्रोजेक्ट स्नेह के अंतर्गत छात्राओं के विकास, सशक्तीकरण, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत सुरक्षा, कानूनी अधिकार, बाल संरक्षण और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा तिलारा बिष्ट, महिला उपनिरीक्षक कोतवाली ऊखीमठ पूजा रावत, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुप्तकाशी की डॉ. श्रेया थपलियाल, जिला प्रोबेशन संरक्षण अधिकारी रोशनी रावत तथा जिला पंचायत रुद्रप्रयाग की कार्याधिकारी प्राची रावत ने छात्राओं से संवाद किया।
विशेषज्ञों ने छात्राओं को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक एवं मानसिक बदलावों, मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया, संतुलित आहार और मानसिक तनाव सहित स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। छात्राओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के प्रावधानों की जानकारी देते हुए छात्राओं को व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल अधिकारों और संकट की स्थिति में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों के बारे में जागरूक किया गया। बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ यौन शोषण कानूनन अपराध है और ऐसी किसी भी स्थिति में विश्वसनीय वयस्क अथवा पुलिस को सूचना देना आवश्यक है।
बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए छात्राओं से बाल विवाह से दूर रहने तथा अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया गया। साथ ही डिजिटल दौर में साइबर अपराधों से बचाव को लेकर सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, फर्जी प्रोफाइल, ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं से बचने के उपाय बताए गए। छात्राओं को डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग शिक्षा और प्रतिभा विकास के लिए करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और विभिन्न विषयों से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं एवं समस्याएं विशेषज्ञों के समक्ष रखीं। विशेषज्ञों ने छात्राओं के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें सुरक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर एवं सक्षम बनाना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करना रहा।

