महिला नेतृत्व का सम्मान, आत्मनिर्भरता की नई पहचान पर संवाद कार्यक्रम,

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ग्रामीण महिलाओं को नेतृत्वकर्ता, उद्यमी और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर; उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं सम्मानित,

 

रुद्रप्रयाग। ग्रामीण विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को “महिला नेतृत्व का सम्मान, आत्मनिर्भरता की नई पहचान” विषय पर एक दिवसीय संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों एवं ग्रामीण आजीविका से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना रहा।

 

कार्यक्रम में ग्राम संगठनों, सीएलएफ, स्वयं सहायता समूहों एवं स्वायत्त सहकारिताओं की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी, बीओडी सदस्य तथा विभिन्न समूहों से जुड़ी महिलाओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान मंत्री भरत सिंह चौधरी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं एवं समूह पदाधिकारियों को सम्मानित किया। महिलाओं के लिए आयोजित क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए।

 

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास, कृषि, उद्यमिता और आजीविका संवर्धन के लिए उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया।

 

ग्रामीण विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि ग्रामीण विकास में मातृशक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता, उद्यमी और आत्मनिर्भर बनाना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास, स्थानीय उत्पादों के निर्माण और उनके बेहतर विपणन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को आजीविका के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

 

संवाद के दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही निर्णय लेने और नेतृत्व करने का आत्मविश्वास भी दिया है।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला समूहों की ओर से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाते हुए महिलाओं के लिए अधिक से अधिक स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर सृजित किए जाएं।

इस अवसर पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र महेश प्रकाश, खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का, खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि सुरेश शाह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में महिला समूहों की पदाधिकारी मौजूद रहीं।